कश्मीर फाइल्स’ और ‘द वैक्सीन वॉर’ जैसी बेहतरीन फिल्में बना चुके डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री अकसर ही चर्चा में बने रहते हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और बड़ी ही बेबाकी से लगभग हर मुद्दे पर अपनी राय रखते नजर आते हैं।

इन दिनों फिल्ममेकर इजरायल और हमास युद्ध पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं हाल ही में अब निर्देशक ने केरल में फलस्तीन के समर्थन में आयोजित की गई रैली में हमास नेता खालिद मशाल के वर्चुली शामिल होने पर हैरानी जताई है, और जमात की विचारधारा को खिलाफत से जोड़ा है। फिल्ममेकर का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर क्या लिखा

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “हमास के नेता खालिद मशाल को जमात-ए-इस्लामी की युवा शाखा ने केरल के मलप्पुरम में फिलिस्तीन समर्थक रैली में आमंत्रित किया था।”

फिल्ममेकर ने आगे लिखा कि “कृपया यह न भूलें कि ख़िलाफ़त की यही विचारधारा इसके लिए ज़िम्मेदार है: मोपला (1920)
सीधी कार्रवाई दिवस/नोआखली (1946/47)
विभाजन (1947)
आईएसआई द्वारा पंजाब आतंकवाद (80 के दशक)
कश्मीर नरसंहार (1990),
सिख नरसंहार कश्मीर (2000),
गोधरा ट्रेन अग्निकांड (2002),
टुकड़े-टुकड़े आंदोलन (2016)
दिल्ली दंगे (2020)

और सैकड़ों अन्य खूनी नरसंहार, दंगे और हिंसा। खिलाफत के कारण भारत ने दुनिया का सबसे लंबा और निरंतर नरसंहार झेला है। भारत में खिलाफत के किसी भी प्रकार जैसे यहूदी-विरोध को अवैध और दंडनीय बनाया जाना चाहिए।”

क्या है पूरा मामला

इजरायल और हमास के बीच बीते 7 अक्टूबर से जंग जारी है। भारत में कई लोग फिलिस्तीन का समर्थन कर रहे हैं। वहीं हाल ही में केरल के मलप्पुरम में एक वर्चुअल रैली की गई। इस रैली को किसी और ने नहीं बल्कि हमास के एक नेता खालिद मशाल ने वर्चुअली संबोधित किया।

इस रैली के फुटेज वायरल हो रहे हैं। जिस पर लोग भड़क उठे हैं। बता दें कि केरल में जमात-ए-इस्लामी की युवा शाखा सॉलिडैरिटी यूथ मूवमेंट ने फलस्तीन के समर्थन में एक सभा का आयोजन किया था।