बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की फिल्म ‘फैन’ के गाने “जबरा फैन” को उन दिनों दर्शकों का खूब प्यार मिला था, लेकिन ज्यादातर लोग जो इस गाने और इसमें शाहरुख के काम को देखने के लिए थिएटर्स तक पहुंचे उन्हें निराश होना पड़ा। क्योंकि इस गाने को फिल्म के प्रमोशन के लिए खूब जमकर इस्तेमाल किया गया लेकिन फिल्म में इसे कहीं पर भी जगह नहीं दी गई थी। निराश हुए इन्हीं दर्शकों में से एक ने मेकर्स के साथ हिसाब बराबर करने के लिए कदम उठाया। औरंगाबाद की 27 वर्षीय टीचर आफरीन जयदी ने उपभोक्ता अदालत का रुख करने का फैसला किया। हालांकि 2016 में उनकी कंप्लेंट यह कहते हुए रद्द कर दी गई कि फिल्म मेकिंग और व्यूअर में ग्राहक और सर्विस प्रदाता जैसा रिश्ता नहीं है।

अब क्योंकि यह मामला कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत नहीं आता है, अतः इस मामले को आगे नहीं ले जाया जा सका। लेकिन इसी महीने महाराष्ट्र स्टेट कंज्यूमर डिसप्यूट रिड्रेसल कमीशन की औरंगाबाद सर्किल बेंच को लगा कि आफरीन का तर्क सही है। यह एक दर्शक के साथ निर्माता निर्देशक द्वारा किया गया अन्याय है। इसने यश राज फिल्म्स को आफरीन जयदी को 15 हजार रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया। इसमें 10 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 5 हजार रुपए उनके कंप्लेंट में किए गए खर्च का है। हालांकि आफरीन ने मेकर्स से कुल मिलाकर 65,550 के मुआवजे की मांग की थी। इसमें 3,550 रुपए टिकट, रिक्शा और स्नैक्स का खर्च वगैरह शामिल था।

गौरतलब है कि इन दिनों फिल्मों के साथ एक प्रमोश्नल सॉन्ग लॉन्च करने का रिवाज है जो फिल्म को प्रमोट करने में मदद करता है। कई बार दर्शक इन गानों को काफी पसंद कर लेते हैं और इसी गाने को ध्यान में रखते हुए फिल्म देखने चले जाते हैं। लेकिन क्योंकि इस तरह के गाने फिल्म के फ्लो के साथ मैच नहीं खाते अतः मेकर्स इन्हें फिल्म में नहीं जोड़ते। इस तरह के गानों को या तो फिल्म के आखिर में कहीं क्रेडिट लाइन्स के साथ दिखाया जाता है या इन्हें दिखाया ही नहीं जाता।

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