देशभर में कोरोना के नए मामले पहले की तुलना में जरूर कम हुए हैं, लेकिन अभी भी दावा किया जा रहा है कि लोगों के सामने जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भी लोग ऐसी ही मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इसको लेकर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने भी योगी सरकार से सवाल किया है। सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट भी किया है, जो खूब सुर्खियां बटोर रहा है।

सूर्य प्रताप सिंह ने लिखा, ‘ऐसी तस्वीरें देश ने कभी नहीं देखी थी। योगी सरकार बताए, 5 हजार अंत्येष्टि के लिए दिए जाने थे, अब तक कितने लोगों को दे दिए गए?’ सूर्य प्रताप सिंह ने अपने सवाल के साथ एक तस्वीर भी शेयर की है। इस तस्वीर में लोग मृतक का शव ले जाते हुए नजर आ रहे हैं।

पूर्व आईएएस अधिकारी के ट्वीट पर लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। सूर्य प्रताप के सवाल पर कई लोगों ने भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। रमेश यादव नाम के ट्विटर यूजर ने यूपी की खराब हालत के बारे में बताया है। रमेश के अलावा यूजर कुमार अभिषेक ने भी अपने ट्वीट में प्रदेश की खराब स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

रमेश ने लिखा, ‘आज देश में महामारी चल रही है, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में काफी लोग तकलीफ से गुजर रहे हैं, लेकिन उनको चिंता नहीं उनको फिक्र है कि हमारी कुर्सी कैसे बचेगी। अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।’ कुमार अभिषेक ने लिखा, ‘ग्रामीण इलाके के हालात शहरों से ज्यादा बुरे हैं। गांव में लोग बिना इलाज के मर रहे हैं, लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है।’

बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने घोषणा की थी कि गांव में मृतक के परिजनों को अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। शहरों में भी एक शव के लिए सरकार की तरफ से 5000 रुपए का बजट जारी हुआ है। नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से इसको लेकर एक विशेष निर्देश जारी किया गया था।

इस पत्र में उन्होंने सूबे से सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वैक्सीन को लेकर सवाल किया था। अखिलेश ने कहा था, ‘यूपी के सिद्धार्थनगर में 20 ग्रामीणों को अलग-अलग डोज लगा दी गई है। ये सरकार की लापरवाही है। ऐसे लोगों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाना चाहिए।’