नीना गुप्ता इस वक्त ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ में अपने किरदार को लेकर चर्चा में हैं। भले ही बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई हो, लेकिन नीना गुप्ता के किरदार को काफी पसंद किया जा रहा है। उनकी एक्टिंग, सहज स्टाइल और फैशन सेंस ने उन्हें फिल्म का सबसे प्रभावशाली चेहरा बना दिया है। इससे पहले ‘मेट्रो… इन दिनो’ में भी उनका रोल काफी सराहा गया था।
नीना गुप्ता के करियर की ये दूसरी पारी है, जिसकी शुरुआत ‘बधाई हो’ से हुई थी। उन्होंने 1982 में 23 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन पहचान उन्हें 50 साल की उम्र में आकर मिली। मगर वो इस बात के बारे में सोचती हैं कि आखिर उन्हें सफलता इतने लंबे समय के बाद क्यों मिली।
ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से बात करते हुए नीना गुप्ता ने इस पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं अक्सर सोचती रहती हूं कि मैंने ऐसा क्या गलत किया कि मुझे मेरा हक इतनी देर से मिला? मुझे लगता है कि ज्यादातर इसमें मेरी ही गलती है। लेकिन अब बीते कल के बारे में सोचने का कोई फायदा नहीं। मुझे आगे बढ़ना है। इस उम्र में मुझे सब कुछ नहीं मिल सकता, न ही मैं कम उम्र के किरदार निभा सकती हूं। अभी जो भी मिल रहा है, वो काफी अच्छा है। मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोचती कि मुझे ये मौके कम उम्र में क्यों नहीं मिले। जब मैं और भी बहुत कुछ कर सकती थी।”
यह भी पढ़ें: तलाक के बाद एक्स वाइफ को ही डेट कर रहे हैं गुलशन देवैया, अभिनेता ने बताया क्यों ठुकरा दी थी यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’
अब आते हैं ऐसे विचार
उन्होंने बेबाकी से आगे कहा, “मैं अक्सर सोचती हूं कि आज की कई हीरोइनों के मुकाबले मैं बेहतर काम कर सकती थी और ज्यादा खूबसूरत भी दिख सकती थी। ये विचार आते तो हैं, लेकिन इसका क्या फायदा?”
नीना गुप्ता ने अपने करियर के फैसलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा, “यह मेरी गलती थी क्योंकि मुझमें हमेशा धैर्य नहीं था। मैं गलत चीजों की तलाश में भटकती रही। ज्यादातर समय मेरा आत्मविश्वास कम रहा और मुझे लगता है कि इन्हीं कारणों से मेरी तरक्की रुकी। मुझे मार्गदर्शन देने वाला भी कोई नहीं था-न कोई गुरु। आखिरकार मुझे एहसास हुआ कि यह इंडस्ट्री एक व्यवसाय है। इसमें भावनाओं की कोई जगह नहीं है। मैं इसके नियम और तौर-तरीके नहीं समझ पाई।”
इस फिल्म के कारण नहीं बन पाईं हीरोइन
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बता सकती हैं कि उनसे क्या गलती हुई, तो नीना ने अपनी पहली फिल्म ‘साथ साथ’ का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने सहायक भूमिका निभाई थी जबकि फारूक शेख और दीप्ति नवल मुख्य भूमिकाओं में थे। उन्होंने कहा, “मेरी सबसे बड़ी गलती ‘साथ साथ’ करना थी। उस फिल्म ने मुझे मुख्य नायिका के रूप में पहचान बनाने का मौका छीन लिया।” उन्होंने आगे कहा, “तो हाँ, यह मेरी गलती है। और मैंने महसूस किया है कि जब आप इसे अपनी गलती मान लेते हैं, तो आप कम कड़वाहट महसूस करते हैं। अन्यथा, आप दुनिया को दोष देते रहते हैं, और यह कभी खत्म नहीं होता। अपनी गलतियों को स्वीकार करके आगे बढ़ना ही बेहतर है यही आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका है।”
