आरती सक्सेना
सवाल : फिल्म सिम्बा पर आप क्या कहेंगे?
आला रे आला सिम्बा आला। मैं फिल्म को लेकर बेहद रोमांचित हंू। इससे पहले मैंने कभी ऐसा किरदार नहीं निभाया है। मुझे आज भी याद है जब मैं बचपन में चंदन थियेटर में ऐसी फिल्में देखता था तो बहुत सीटियां बजाता था। अब मेरे मन में एक ही बात आ रही है कि मेरी फिल्म के लिए भी ऐसी ही सीटियां बजेंगी? सवाल : आपने अब तक कई सारे किरदार निभाए हैं जिसमें कुछ अगर खूंखार हैं तो कुछ रोमांटिक हैं। लेकिन आप पहली बार पुलिस इंस्पेक्टर सिम्बा का किरदार निभाने जा रहे हैं। क्या इसके लिए आपने कोई खास तैयारी की? सिम्बा के किरदार के लिए तैयारी तो बहुत की। मैं कोई भी किरदार बिना तैयारी के नहीं करता हूं। लिहाजा पुलिस इंस्पेक्टर की छवि को साकार करने के लिए मैंने इस किरदार पर खास तौर पर काम किया। इस फिल्म के कहानीकार से मिला। रोहित शेट्टी से मिल कर रोल को समझने की कोशिश की। चूंकि मैं अजय देवगन से बेहद प्रभावित हूं इसलिए मैंने उनकी फिल्म सिंघम भी कई बार देखी ताकि उनकी तरह मै भी कड़क पुलिस इंस्पेक्टर नजर आ सकूं।
सवाल :पहली बार आप सारा अली खान के साथ काम कर रहे हैं। अनुभव कैसा रहा?
’सारा बहुत ही मेहनती और प्रतिभावान अभिनेत्री है। वह हमेशा कुछ ना कुछ सीखने की कोशिश में रहती है। वह हर सीन को पूरी शिद्दत के साथ करती है। मेरा उसके साथ सिम्बा में काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा। सवाल : आपने सिम्बा में मराठी के कई संवाद बोले। अनुभव कैसा रहा?
’बहुत ही मजेदार। मैंने इसमें एकदम टाइमपास मराठी संवाद बोले हैं। जैसे आला रे आला सिम्बा आला। मराठी संवाद बोलने में बहुत मजा आया। बहुत अच्छा लगा। सवाल :रोहित शेट्टी की फिल्म सिम्बा में आपका आगमन कैसे हुआ? ’वैसे तो मैं काफी समय से रोहित के साथ काम करना चाहता था। कुछ दिनों पहले मैंने उनके साथ एक विज्ञापन शूट किया था। तब उन्होंने मुझसे कहा कि वे सिम्बा बनाने की सोच रहे हैं और मुझे लेना चाहते हैं। इस तरह मेरी मन मांगी मुराद पूरी हो गई थी।
सवाल : ज्यादातर पुलिस इंस्पेक्टर की कहानी पर आधारित फिल्में जरूर सफल होती हैं। फिर चाहे वह सिंघम, जंजीर हो या दबंग। इसके पीछे क्या वजह नजर आती है? दरअसल पुलिस इंस्पेक्टर की कहानी से जुड़ी फिल्में ज्यादातर सामाजिक मुद्दों पर आधारित हैं। वे सामाजिक मुद्दे जो हमारी जिंदगी में लागू रहते हैं। जैसे कि सिम्बा में बलात्कार के अपराध को उजागर किया गया है। इस तरह की कहानियां समाज की बुराइयों को खत्म करने का संदेश देती हैं। जैसे फिर चाहे वह भ्रष्टाचार हो, गरीबों पर अमीरों का अत्याचार हो या नारी जाति का शोषण हो। चूंकि इन फिल्मों में सामाजिक मुद्दों को उजागर किया जाता है इसलिए ऐसी फिल्में दर्शकों को पसंद आती हैं।
