बॉलीवुड के ‘शहंशाह’ पिछले 5 दशक से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं। उन्होंने 1969 में आई फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से अपने करियर की शुरुआत की और इसके बाद कई फिल्मों में काम किया। उनमें से बिग बी की कुछ फिल्में हिट हुई तो कुछ फ्लॉप साबित हुईं। एक समय तो ऐसा था, जब सदी के महानायक का करियर डूबने की कगार पर आ गया था। 90 के दशक के बीच में जब उन्होंने एंटरटेनमेंट कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL) लॉन्च की, तो उन्हें एक बड़ा झटका लगा, क्योंकि उनके कई काम एक के बाद एक फ्लॉप हो गए।

उसी समय उनके एक्टिंग करियर में काफी उतार-चढ़ाव आए, जिससे कई लोगों ने यह अंदाजा लगाया कि उनका दौर खत्म हो गया है। हालांकि, बच्चन ने जबरदस्त वापसी की। इससे पहले उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाया था। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बच्चन अपने करीबी दोस्त और इंदिरा के बेटे राजीव गांधी के समर्थन में इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल हो गए।

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उनके कहने पर बिग बी ने इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से जीत हासिल की। ​​हालांकि, उनका राजनीतिक करियर छोटा रहा क्योंकि बोफोर्स घोटाले में उनका नाम सामने आया, जिसके कारण उन्हें 1987 में इस्तीफा देना पड़ा। अब हाल ही में कांग्रेस राज्यसभा सांसद और जाने-माने पत्रकार राजीव शुक्ला ने अमिताभ बच्चन के राजनीतिक करियर के बारे में बात की है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि जया बच्चन संसद में मंत्रियों और अध्यक्ष तक को फटकार लगा देती हैं। चलिए जानते हैं कि राजीव ने क्या बताया।

इस वजह से अमिताभ ने छोड़ी राजनीति

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राजीव शुक्ला ने दावा करते हुआ कहा, “उन पर (बिग बी) वैसे ही हमले हुए जैसे किसी भी राजनेता पर होते हैं। वीपी सिंह ने खास तौर पर उन्हें निशाना बनाया था। वह (बिग बी) इससे बहुत परेशान थे, खासकर बोफोर्स केस के बाद। उस समय वह बहुत दुखी थे। मैंने उस समय उनके सपोर्ट में काफी आर्टिकल लिखे थे और उनसे अक्सर मिलता रहता था।”

इसके आगे उन्होंने कहा, “वह उस समय ‘मैं आजाद हूं’, ‘शहंशाह’ और ‘तूफान’ की शूटिंग कर रहे थे, क्योंकि वह काफी मुश्किल दौर था, इसलिए उन्होंने आखिरकार राजनीति छोड़ने का फैसला किया। लेकिन मुझे अब भी लगता है कि अगर उन्होंने उस समय इस्तीफा नहीं दिया होता और राजनीति में बने रहते… अगर उन्होंने इस्तीफे के बाद वीपी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा होता, तो भी वह जीत जाते।”

जया बच्चन को लेकर कही ये बात

इसके आगे उन्होंने जया बच्चन के बारे में बात की और कहा, “अगर उन्हें लगता है कि कोई थोड़ा भी अनुशासनहीन हो रहा है, तो वह इसे बर्दाश्त नहीं करतीं। वह सीधे मुंह पर अपनी बात कह देती हैं। संसद में वह उठकर मंत्रियों या यहां तक ​​कि अध्यक्ष को भी फटकार लगा देती हैं। अगर उन्हें लगता है कि कुछ गलत है, तो वह निडर होकर उसके खिलाफ आवाज उठाती हैं।”

सेशन में सिर्फ एक बार संसद आती थीं रेखा

यह बताते हुए कि जया नियमित रूप से संसद सेशन में आती हैं, शुक्ला ने कहा कि वह उन कुछ फिल्म स्टार्स में से हैं जिनकी अटेंडेंस बहुत अच्छी है। शुक्ला ने कहा, “रेखा जी हर सेशन में सिर्फ एक बार आती थीं और जब उनका कार्यकाल खत्म हो गया, तो बस बात खत्म।”

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