सिंगर और म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान हाल ही में अपने एक बयान को लेकर काफी चर्चा में रहे। दरअसल, उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पिछले आठ सालों में ज्यादा सांप्रदायिक हो गया है। जैसे ही उनका यह बयान वायरल हुआ, तो कुछ लोगों ने सिंगर की आलोचना की। इसमें दिग्गज कवि, पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख्तर का नाम भी शामिल था।
जावेद अख्तर ने एआर रहमान के साथ काफी काम किया है, लेकिन उन्होंने सिंगर के उस बयान से असहमति जताई। गीतकार ने दावा किया कि फिल्म इंडस्ट्री हमेशा से धर्म-निरपेक्ष रही है। ऐसे में चलिए हम आपको अब उन मुस्लिम गायक और गीतकारों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में मशहूर हिन्दू भजन को रचने में अपना योगदान दिया।
जावेद अख्तर-एआर रहमान
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम जावेद अख्तर का ही है। वह बेहतरीन कवि, पटकथा लेखक और गीतकार हैं। इस बात से तो लोग वाकिफ ही हैं कि उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों के शानदार गानों के लिरिक्स लिखे हैं। इसके साथ ही उन्होंने साल 2001 में आई ‘लगान’ का भजन ‘ओ पालनहारे’ लिखा था। इतना ही नहीं, इसे कंपोज करने वाले एआर रहमान ही थे। इसके अलावा अख्तर ने साल 2004 में आई फिल्म ‘स्वदेस’ का ‘पल पल है भारी’ भजन का गीत भी लिखा और इसके म्यूजिक डायरेक्टर भी रहमान ही थे।
शकील बदायूंनी
शकील बदायूंनी भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के फेमस कवि और गीतकार रहे हैं। उन्होंने ‘मन तड़पत हरि दर्शन को आज’, ‘मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे’ और ‘ओ दुनिया के रखवाले’ जैसे कई प्रसिद्ध हिन्दू भजनों के बोल लिखे हैं, जिन्हें लोग आज भी सुनना पसंद करते हैं।
मोहम्मद रफ़ी
लिस्ट में अगला नाम मोहम्मद रफ़ी का है। रफी ने अपने समय में कई बेहतरीन गानों को आवाज दी थी। इसमें उनका फेमस कृष्ण भजन ‘बड़ी देर भई नंदलाला’ शामिल है। आज भी यह गाना जन्माष्टमी के समय घरों और मंदिरों में बड़ी जोर-शोर से बजाया जाता है।
