कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने किसान कानून पर जारी सियासत के बीच एक ट्वीट कर संविधान की याद दिलाई है। अपने पोस्ट में वे कृषि कानून की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी पर भी सवाल खड़े करते दिखे। नवजोत सिंह सिद्धू ने लिखा- ‘संविधान के मुताबिक सरकारें, लोगों की, लोगों द्वारा, लोगों के लिए होती हैं। यदि एक समिति का गठन किया गया था, तो यह लोगों के लिए जवाबदेह होना चाहिए था – किसान, मजदूर, व्यापारी-यह कमेटी किसके प्रति जवाबदेह है?

सिद्धू के इस पोस्ट पर लोगों ने भी रिएक्शन देने शुरू कर दिए। एक यूजर ने लिखा- ‘मिस्टर सिद्धू आप समिति की जवाबदेही की बात क्यों करते हैं? हम विवादास्पद कानूनों को रद्द करने और निरस्त करने के मूल बिंदु पर हैं।’ प्रिंस नाम के शख्स ने कहा- पहले कोई भी मज़ाक़ या कटाक्ष करते हुए बोल देता था “खुद को टाटा- बिरला समझते हो”।

टाटा- बिरला का ऐसे नाम लेना सकारात्मक माना जाता था लेकिन आजकल के उद्योगपतियों की छवि नकारात्मक बनती जा रही है। मो. फिरोज नाम के यूजर ने लिखा- क्या समिति किसानों द्वारा या उन्हीं लोगों द्वारा तय की गई है जो किसानों के खिलाफ हैं।

अशोक नाम के एक यूजर ने कहा- एनडीए गवर्नमेंट की बड़ी दिक्कत ही यही रही कि वह संविधान को फॉलो नहीं करते। संविधान का उन्हें गंभीरता से पालन करना चाहिए।

एक यूजर बोला- इस समिति का गठन माननीय SC द्वारा किया गया है। मुझे लगता है कि आपको न्यायपालिका के हमारे उच्चतम स्तर पर विश्वास नहीं है। शर्मनाक है यह…। किसी ने कहा-कुछ अनियंत्रित / अंतर्विरोधी राजनीतिज्ञों की सस्ती राजनीति, जो देश को बर्बाद कर सकती है।