बॉलीवुड के गलियारों में विलेन का किरदार निभाने वाले अभिनेताओं का जिक्र भी खूब चलता है। इन दिनों रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर फिल्म के खलनायक अक्षय खन्ना की खूब चर्चा चल रही है। रहमान डकैत के रोल में अक्षय ने तारीफ के काबिल काम किया है। खैर, आज बात हिंदी सिनेमा के सबसे ज्यादा मशहूर खलनायक की बात कर रहे हैं, जिसके दमदार डायलॉग आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं। खास बात है कि उनकी एक लाइन ने हर किसी को इंप्रेस करने का काम किया, और कहना लाजमी होगा कि इस डायलॉग के बाद ही उन्हें फिल्मी दुनिया का सबससे ज्यादा खौफनाक विलेन भी बनाया।

आमतौर पर लोगों का मानना होता है कि बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए कम उम्र में काम शुरू करना ज्यादा बेहतर होता है। लेकिन इस बात को गलत साबित करने के लिए फिल्मी दुनिया के एक हिट विलेन का नाम काफी है। जिन्होंने 40 की उम्र में लोगों को दमदार एक्टिंग की बदौलत दीवाना बनाया, और हिंदी सिनेमा को करीब 400 फिल्में दी।

यहां पर हम दिवंगत एक्टर अमरीश पुरी का जिक्र कर रहे हैं, जो दुनिया को अलविदा कहकर 12 जनवरी, 2005 में गए। हालांकि, सिनेमा लवर्स के बीच उनकी यादें आज भी ताजा है। जब भी हिंदी सिनेमा के दमदार विलेन के बारे में पूछा जाता है, तो अमरीस पुरी का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है। आज बात उनके उस एक दमदार डायलॉग की कर रहे हैं, जो उनकी पहचान भी बना।

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बॉलीवुड फिल्म में अमरीश पुरी का पहला रोल साल 1971 की रेशमा और शेरा का रहा। लेकिन यह थोड़ा छोटा और सामान्य किरदार था। इसके बाद उन्होंने कई बड़े रोल की भूमिका निभाई। अमरिश पुरी का यादगार रोल मिस्टर इंडिया फिल्म में मोगैम्बो का रहा। बता दें कि इस रोल के लिए वह पहली पसंद नहीं थे, लेकिन जिस तरीके से उन्हें इस किरदार को बड़े पर्दे पर दिखाया। शायद कोई उनसे बेहतरीन ढंग से इस रोल की भूमिका अदा नहीं कर सकता था। इस फिल्म से उनका डायलॉग ‘मोगैम्बो खुश हुआ’ भी काफी ज्यादा पॉपुलर हुआ और आज भी लोग इसका इस्तेमाल सोशल मीडिया पर और असल जिंदगी में करते हैं।