Me No Pause Me Play Movie: महिला के जीवन में कई फेज आते हैं, लेकिन सबसे मुश्किल होता है वो फेज जब वो मेनोपॉज से गुजरती है। वैसे तो महिलाओं के जीवन के कई पहलुओं पर फिल्में बनाई गई हैं, लेकिन इस विषय को लेकर कोई बात नहीं करता। ये पहली बार है जब उस अहम फेज पर कोई फिल्म बनी है, जिसमें एक महिला कई तरह के फिजिकल ट्रॉमा के साथ-साथ मेंटल ट्रॉमा से गुजरती है। हम बात कर रहे हैं काम्या पंजाबी की फिल्म ‘मे नो पॉज मी प्ले’ के बारे में, जो एक साहसिक और संवेदनशील फिल्म है। इस फिल्म में मेनोपॉज जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बात की गई है। ये एक फुल-लेंथ फीचर फिल्म है, जो 28 नवंबर को थिएटर में रिलीज हुई है।
फिल्म का टाइटल सिर्फ मेनोपॉज के बारे में नहीं बताता, बल्कि ‘मी नौ पॉज मी प्ले’ ये भी बताता है कि एक महिला कह रही है ‘मैं रुकूंगी नहीं, बस चलती रहूंगी’। फिल्म का निर्देशन समर के मुखर्जी ने किया है और इसके निर्माता मनोज कुमार शर्मा हैं। फिल्म में संगीत संतोष पुरी, शिवांग माथुर और अमृतांशु दत्ता ने दिया है, जो कहानी को और भी इमोशनल बनाता है। फिल्म समाज का टैबू तोड़ने में मददगार साबित हो सकती है।
फिल्म की कहानी
फिल्म डॉली खन्ना की जिंदगी पर आधारित है, जिसका किरदार काम्या पंजाबी ने निभाया है। डॉली वो महिला है जो मेनोपॉज़ के शारीरिक-मानसिक तूफान से जूझ रही है। डॉली शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक उथल-पुथल से गुजरती है। फिल्म में मेनोपॉज के विषय को बहुत ही संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से दिखाया गया है। फिल्म में उनके पति पति रजत खन्ना का किरदार मनोज कुमार शर्मा ने निभाया है। मेनोपॉज के चलते दोनों का रिश्ता टूटने की कगार पर है। तभी डॉ. जसमोना की एंट्री होती है, जिसका किरदार दीपशिखा नागपाल ने निभाया है।
काम्या पंजाबी ने महिला के दर्द को स्क्रीन पर बखूबी उतारा है। बात दीपशिखा नागपाल की करें तो फिल्म को उनके किरदार से मजबूती मिली है। वही मनोज कुमार शर्मा ने एक टिपिकल पति का किरदार निभाया है, जिससे समाज के कई मर्दों को बहुत सीख मिल सकती है। सपोर्टिंग रोल में अमन वर्मा, करण छाबड़ा और स्तुति विंकले हैं। स्तुति का रोल छोटा, लेकिन कहानी के लिए काफी अहम साबित होता है। फिल्म महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।
ये फिल्म सभी लोगों के लिए जरूर देखने लायक है जो गहरे सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों को महत्व देते हैं। यह न एक ड्रामा बल्कि एक शिक्षा के रूप में देखने लायक फिल्म है। खासकर महिलाओं के जीवन को आसान समझने वाले को ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए। मैं इसे 5 में से 3 स्टार दूंगी।
