बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी फिल्मों और अपने अंदाज से लोगों का खूब दिल जीता है। अमिताभ बच्चन ने अपनी एक्टिंग से देश के साथ-साथ विदेशों में भी जबरदस्त पहचान बनाई है। एक बार अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘कुली’ के सेट पर हादसा हो गया था। इस हादसे से अमिताभ बच्चन की हालत इतनी बिगड़ गई थी कि लोगों ने उन्हें ‘क्लिनिकली डेड’ भी घोषित कर दिया था। अमिताभ बच्चन के साथ हुए इस हादसे से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी काफी परेशान हो गई थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने बिग बी के लिए ताबीज और प्रसाद भी भेजा था।
अमिताभ बच्चन और इंदिरा गांधी से जुड़ी इस बात का खुलासा बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि जब अमिताभ बच्चन के साथ हुए हादसे की खबर फैली तब तक इंदिरा गांधी और राजीव गांधी अपनी अमेरिका की सरकारी यात्रा के लिए जा चुके थे। लेकिन राजीव गांधी अपनी यात्रा को बीच में ही छोड़कर अमिताभ बच्चन से मिलने के लिए मुंबई आ गए थे।
राजीव गांधी के आने के कुछ दिनों बाद इंदिरा गांधी भी यात्रा से लौट आई थीं और वह तुरंत ही अमिताभ बच्चन से मिलने सीधे एयरपोर्ट से हॉस्पिटल पहुंचीं। बताया जाता है कि इंदिरा गांधी को हॉस्पिटल में देख अमिताभ बच्चन रोने लगे थे। ऐसे में उनकी हिम्मत बांधते हुए इंदिरा गांधी ने कहा, “बेटा, चिंता मत करो, तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगे।”
इंदिरा गांधी के करीबी नेता माखनलाल फोतेदार ने इस बारे में अपनी पुस्तक में बताया, “पूर्व प्रधानमंत्री ने विदेश से लौटते ही मुझे पंडित हरसुख को अस्पताल भेजने और अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए पूजा कराने के लिए कहा था। उन्होंने एक सफेद कपड़े में ताबीज, प्रसाद और कुछ पूजा की सामग्री भी दी थी, साथ ही कहा था कि अमिताभ बच्चन की जिंदगी के लिए है। इसे अस्पताल भेज दो, नहीं तो राजीव अकेला हो जाएगा।”
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राशिद किदवई ने अपनी किताब ‘नेता-अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पावर इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में बताया कि अमिताभ बच्चन ने इंदिरा गांधी से बताया कि वह दर्द के कारण रातभर सो नहीं पाते हैं। उनकी ये बातें सुनकर इंदिरा गांधी भी रोने लगी थीं। लेकिन उन्होंने एक्टर को दिलासा देते हुए कहा, “मैं भी कभी-कभार सो नहीं पाती, इसमें परेशान होने वाली बात नहीं है।”
बता दें कि अमिताभ बच्चन 2 अगस्त के दिन को अपना पुनरजन्म का दिन मानते हैं। उन्होंने ट्विटर पर 2 अगस्त को लेकर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मुझे ‘कुली’ पर हुए हादसे के बाद जीवन मिला। मैं जब घर आया तो मैंने पिता की आंखों में पहली बार आंसू देखे।”
