इस वक्त ‘इक्कीस’ फिल्म चर्चा में हैं। ये धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म है, जिनका 24 नवंबर को निधन हो गया था। उनके साथ-साथ ये Ikkis गोवर्धन असरानी की भी आखिरी फिल्म है। जिनका 20 अक्तूबर 2025 को निधन हुआ था। असरानी को सबसे ज्यादा पहचान रामेश सिप्पी की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ में निभाए गए उनके यादगार किरदार ‘अंग्रेजों के जमाने का जेलर’ से मिली थी। लगभग छह दशक लंबे अपने करियर में उन्होंने अलग-अलग तरह की फिल्मों और भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीता।
‘इक्कीस’, 1 जनवरी को थिएटर में रिलीज हो चुकी है। इसमें धर्मेंद्र के साथ असरानी नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि सिनेमा प्रेमी माने जाने वाले श्रीराम राघवन ने फिल्म की शुरुआत में ही असानी को भावुक श्रद्धांजलि दी है।
‘इक्कीस’ में असानी को खास ट्रिब्यूट
1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में अगस्त्य नंदा और जयदीप अहलावत भी अहम भूमिकाओं में हैं। इसकी शुरुआत असरानी को समर्पित श्रद्धांजलि से होती है। ओपनिंग क्रेडिट्स में काली स्क्रीन पर शोले के जेलर के रूप में असानी की मुस्कुराती हुई तस्वीर दिखाई जाती है। इसके साथ लिखा आता है, “हम हमेशा आपके कैदी रहेंगे।”
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धर्मेंद्र के साथ साझा किया आखिरी सीन
फिल्म उस वक्त और भी भावुक हो जाती है जब असानी दिवंगत दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के साथ स्क्रीन शेयर करते हैं।इंटरवल से ठीक पहले दोनों दिग्गज कलाकारों के किरदारों के बीच एक बेहद मार्मिक संवाद होता है। असरानी फिल्म में अल्ज़ाइमर से पीड़ित एक पाकिस्तानी नागरिक के छोटे से कैमियो में नजर आते हैं, जबकि धर्मेंद्र एक भारतीय युद्ध-वीर का किरदार निभाते हैं। बातचीत अविभाजित भारत, बचपन की दोस्ती और उस ज़िंदगी की यादों तक पहुँचती है, जिसे बंटवारे ने हमेशा के लिए बदल दिया।
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दर्द तब और गहरा हो जाता है जब असानी का किरदार न तो धर्मेंद्र को पहचान पाता है और न ही उसे यह ठीक से याद रहता है कि कभी बंटवारा हुआ था। अल्ज़ाइमर से जूझता यह किरदार जैसे इतिहास के जख्मों पर सवाल खड़े कर देता है।
