कोरोना के बढ़ते कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी के डॉक्टरों से संवाद किया। डॉक्टरों से बातचीत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमने कई अपनों को खो दिया है। उन्होंने संवाद के दौरान डॉक्टर व नर्स से कहा कि इस वायरस ने हमारे कई अपनों को हमसे छीना है। उनकी इस बात को लेकर पूर्व आईएएस ऑफिसर सूर्य प्रताप सिंह उनपर भड़के हुए नजर आए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब लोग मर रहे थे तब आप दीदी ओ दीदी कर रहे थे।

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह कोरोना से मरे लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के इस संबोधन पर ताना मारने के साथ-साथ पूर्व आईएएस अधिकारी ने उनके आंसुओं को लेकर भी तंज कसा।

सूर्य प्रताप सिंह ने अपने ट्वीट में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, “मोदी जी, जब लोग मर रहे थे तब आप बंगाल में ‘दीदी ओ दीदी’ कर रहे थे। भीड़ देखकर उत्साहित हो रहे थे, अब आपकी इस झूठी संवेदना और नकली आंसुओं को देश अच्छी तरह से समझता है। काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती है।” उनके इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया यूजर भी खूब कमेंट कर रहे हैं।


अजीत नाम के एक यूजर ने सूर्य प्रताप सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “भैया ये बहुत बड़े झांसाराम हैं। पूरा देश इनसे परिचित हो चुका है। इन्हें देशवासियों की कम उद्योगपतियों की ज्यादा चिंता रहती है।” प्रियंका नाम की एक यूजर ने लिखा, “अंधभक्तों को छोड़कर पूरा देश समझ चुका है कि साहब अपना साम्राज्य बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।” निखिल नाम के एक यूजर ने लिखा, “महलों से बाहर निकलो, गंगा किनारे घूम आओ।”

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सूर्य प्रताप सिंह ने पीएम मोदी को आड़े हाथों लिया हो। बीते दिन भी सूर्य प्रताप सिंह गंगा किनारे दफनाए गए लोगों को लेकर पीएम मोदी और सीएम योगी पर बरसते हुए नजर आए थे। अपने एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “बहुत छिपाया, बहुत दबाया, पर मां गंगा ने खुद देश को सही तस्वीर दिखा दी।”

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने रोजगार को लेकर भी प्रशासन पर तंज कसा था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था, “अभी राजा अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त है, बेरोजगार युवाओं की सुध नहीं है। वोट के समय युवा याद आएंगे। अबकी बार उंगली घर घर जली है, कोई झांसा नहीं चलेगा।”