कोरोना महामारी के दौरान सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में उत्तर प्रदेश भी रहा है जहां लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। मृतकों की संख्या इतनी बढ़ गई कि संदिग्ध कोविड मरीजों की लाशों की गंगा नदी में बहाए जाने की खबरें सामने आईं। प्रयागराज सहित कई इलाकों में गंगा नदी के किनारे रेत में शवों को दफनाने का मामला भी सामने आया जिसके बाद योगी आदित्यनाथ सरकार की खूब आलोचना हुई। पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कुप्रबंधन और लोगों की मौत को लेकर खूब हमले किए।

सूर्य प्रताप सिंह ने एक बार फिर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में हो रही मौतों के लिए केवल योगी आदित्यनाथ जिम्मेदार हैं। रिटायर्ड आईएएस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से कई ट्वीट्स किए जिसमें वो योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते दिखे हैं।

सूर्य प्रताप सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘यूपी में कोरोना से लाखों लोगों की मौत के लिए यदि कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार है तो वो हैं- योगी।’ इसी के साथ ही सूर्य प्रताप सिंह ने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें एक साथ 5 लोगों की तस्वीर पर श्रद्धांजलि दी जा रही है।

आपको बता दें कि यह मामला लखनऊ के इमलिया गांव का है जहां एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई है। 7 लोगों की मौत कोरोना से हुई जबकि एक बुजुर्ग की मौत दहशत में हार्ट अटैक से हो गई। एक ही परिवार के चार सगे भाइयों की मौत से पूरे गांव में दहशत की स्थिति है।

 

सूर्य प्रताप सिंह ने टेस्टिंग को लेकर भी योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा कि आज जबकि देश में संक्रमण दर में कमी आ रही है तब योगी सरकार अधिक टेस्ट का दावा कर रही है।

उन्होंने अपने एक ट्वीट में योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए लिखा, ‘जब संक्रमण ज्यादा था तब लोगों की जान की परवाह ना करते हुए टेस्टिंग कम कर दी गई। अब जब दूसरी लहर धीरे-धीरे जा रही है तब 3 लाख टेस्ट करने का दावा ठोक रही है यूपी सरकार। क्या अब भी आप नहीं समझ पा रहे हैं खेल योगी आदित्यनाथ जी? या आप सब समझते हैं और हमें बेवकूफ बना रहे हैं?’

 

आपको बता दें कि भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर अब कमज़ोर पड़ती दिख रही है। जहां हर दिन 3 लाख से अधिक नए मामले सामने आ रहे थे अब संक्रमण कम फैल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में पिछले 24 घंटो में 1,32, 788 नए मामले दर्ज हुए हैं जबकि 3,207 लोगों की मौत हुई है।