फिल्म ‘जिला गोरखपुर’ का फर्स्ट लुक जारी होने के साथ ही ये फिल्म विवादों में घिर गई है। लखनऊ में बीजेपी नेता आईपी सिंह ने इस फिल्म के निर्देशक विनोद तिवारी के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। उन्होंने फिल्म में मॉब लिचिंग और भगवा आतंकवाद दिखाने का आरोप लगाया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
आईपी सिंह ने लिखा है कि ‘यह न सिर्फ @myogiadityanath जी की छवि को खंडित करने का, बल्कि पूरी हिन्दू सभ्यता और नाथ-सम्प्रदाय को कलंकित करने का भी प्रयास है, मैं निर्माताओं को खुली चुनौती देता हूं कि अगर हिम्मत है तो यह फिल्म रिलीज़ कर के दिखाएं, सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसी नीचता बर्दाश्त नहीं की जाएगी’।
यह ना सिर्फ मान @myogiadityanath जी की छवि को खंडित करने का बल्कि पूरी हिन्दू सभ्यता, नाथ-सम्प्रदाय को कलंकित करने का भी प्रयास है, मैं निर्माताओं को खुली चुनौती देता हूँ कि अगर हिम्मत है तो यह फिल्म रिलीज़ कर के दिखाएं, सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसी नीचता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। pic.twitter.com/CVf1oi9VcS
— IP Singh (@ipsinghbjp) July 29, 2018
वही फिल्म के डायरेक्टर विनोद तिवारी ने मामले के तूल पकड़ने के बाद इस प्रोजेक्ट को बंद करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ‘मेरा उद्देश्य न तो किसी की भावनाओं को आहत करना है ना ही समाज मे किसी प्रकार का द्वेष फैलाना है। इसलिए मै देश तथा समाज के हित में ‘जिला गोरखपुर’ के प्रोजेक्ट को बंद करने जा रहा हूं।’
गौैरतलब है कि इस फिल्म के पोस्टर में एक भगवाधारी शख्स पीछे से खड़ा दिखाई दे रहा है, जो उगते सूरज को देख रहा है। उसके हाथ में एक पिस्तौल है और पास में एक गाय का बछड़ा भी दिख रहा है। इस पोस्टर में भगवाधारी शख्स के लुक में योगी आदित्यनाथ की छवि को दिखाया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले सेक्रेड गेम्स में राजीव गांधी को अपशब्द बोले जाने पर एक कांग्रेसी कार्यकर्ता ने इस शो के निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन राहुल गांधी के एक ट्वीट के बाद इस एफआईआर को वापस ले लिया गया था, ये देखना दिलचस्प होगा कि योगी आदित्यनाथ इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
