कॉमेडियन और एक्टर कपिल शर्मा के खिलाफ मुंबई के वर्सोवा में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर मैंग्रोव पेड़ों को नुकसान पहुंचाने पर दर्ज की गई है। बता दें, कपिल शर्मा के खिलाफ पहले भी अवैध निर्माण का आरोप लगा है। शर्मा के खिलाफ पहले भी वर्सोवा में उनके बंगले के पीछे मैंग्रोव के पेड़ों पर कचरा फेंकने और इनके पास अवैध निर्माण करने मामला दर्ज किया गया था। कपिल शर्मा ने सितंबर महीने में बीएमसी अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उनसे पांच लाख रुपए रिश्वत मांगी गई है। इसके बाद एक विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि, बीएमसी ने कहा था कि कपिल शर्मा ने वर्सोवा में अपनी ऑफिस की बिल्डिंग बनाते वक्त नियमों का उल्लंघन किया था। साथ ही कहा था कि उन्होंने गोरेगांव में भी अपार्टमेंट में अवैध निर्माण किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कपिल शर्मा ने 9 सितंबर को ट्वीट किया था, ‘मैं पिछले पांच साल से 15 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स दे रहा हूं, लेकिन अभी भी मुझे मेरा ऑफिस बनाने के लिए बीएमसी अधिकारियों को पांच लाख रुपए रिश्वत देनी पड़ रही है।’ इस ट्वीट के बाद काफी विवाद हुआ था। बीएमसी ने भी कपिल शर्मा से उन अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिन्होंने उनसे रिश्वत मांगी थी। इसके बाद बीएमसी ने कहा था कि कपिल शर्मा अपने ऑफिस और घर पर अवैध निर्माण कर रहे हैं। कपिल शर्मा द्वारा प्रधानमंत्री को टैग करके ट्वीट करने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने दोषी बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया था।
FIR filed against actor Kapil Sharma under environment protection act and MRTP act for destroying mangroves in Versova #Mumbai pic.twitter.com/JrpbYRYqjN
— ANI (@ANI) December 14, 2016
इसके बाद कपिलल शर्मा के ऑफिस का अवैध निर्माण वाला हिस्सा तोड़ने का आदेश निकला था। जिसके खिलाफ कपिल शर्मा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए बॉम्बे हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने कोर्ट से उनका अवैध निर्माण वाला हिस्सा तोड़ने से रोकने की अपील की थी। कपिल शर्मा ने बीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह गलत मंशा से काम कर रही है। उसका मेरे ऑफिस का हिस्सा तोड़ने का फैसला गैर-कानूनी है।

