ऐ दिल है मुश्किल में फवाद के रोल पर खूब विवाद हुआ। लेकिन उनके फैन्स फिल्म में उनका रोल देखकर उतने खुश नहीं हुए। क्योंकि फवाद का रोल बहुत छोटा सा था। फवाद फैन्स उन्हें ज्यादा समय के लिए स्क्रीन पर देखने चाहते थे। अब उन्हें शायद इसके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़े। मौजूदा हालात को देखते हुए उनके लिए भारत में वापसी करना मुश्किल होगा। आजकल फुर्सत के दिन बिता रहे फवाद अपनी फैमिली को टाइम दे रहे हैं। साथ ही अपने दूसरे बच्चे का भी खयाल रख रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि उन्हें किसी प्रोजेक्ट को साइन करने की जल्दबाजी नहीं है। एक तरफ जहां एक्टिंग के प्रोजेक्ट्स में वह नॉनएक्टिव दिख रहे हैं। वहीं उन्हें लेकर कुछ और खबरें उड़ रही हैं। कहा जा रहा है कि फवाद पॉलिटिक्स ज्वाइन कर सकते हैं।
दरअसल पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने फवाद खान को अप्रोच किया है। इमरान चाहते हैं कि फवाद उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ में शामिल हो जाएं। उन्हें लगता है कि फवाद की स्टारडम और फैन फौलोइंग से पार्टी को फायदा होगा। हालांकि फवाद ने अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं किया है।
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बता दें कि ऐ दिल है मुश्किल को फवाद खान के रोल को लेकर काफी विरोध झेलना पड़ा था। सिनेमा ओनर्स और एक्सिहिबिटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा था कि वे पाकिस्तानी अभिनेताओं वाली फिल्मों को थिएटर्स में नहीं लगाएंगे। यह बैन गुजरात, गोआ, कर्नाटक और महाराष्ट्र के सभी सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में लागू किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष नितिन दातार ने कहा कि वह फवाद खान स्टारर फिल्म ऐ दिल है मुश्किल को अपने थिएटर्स में जगह नहीं देंगे। करण जौहर निर्देशित इस फिल्म के अलावा शाहरुख खान और माहिरा खान निर्देशित फिल्म रईस भी इसी फेहरिस्त में आ रही थी।
नितिन ने बताया, क्योंकि पाकिस्तान ने हमारा कंटेंटे बैन कर दिया है, हमने पाकिस्तानी अभिनेताओं, टेक्निशियन्स और बाकियों को बैन करने का फैसला किया है। बता दें कि इससे पहले दातार ने कहा था कि वह जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर कोई भी फैसला लेंगे। समीति की तरफ से यह कमद तब उठाया गया है जब भारतीय मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स असोसिएशन ने पाकिस्तानी अभिनेताओं और टेक्नीशियन्स को भारतीय प्रोजेक्ट्स से बैन करने का फैसला किया था। गौरतलब है कि यह सारा मामला कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले में 18 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद शुरू हुआ था।
