‘छपाक’ फिल्म की निदेशक मेघना गुलजार ने मुंबई उच्च न्यायालय को बताया कि सच्ची घटनाओं पर किसी का कोई कापीराइट नहीं हो सकता है। इसके साथ ही मंगलवार (07 जनवरी) को उन्होंने एक लेखक द्वारा दाखिल याचिका को खारिज किए जाने की अपील भी की है। बता दें कि लेखक का दावा है कि एसिड हमले की पीड़िता पर मूल रूप से कहानी उन्होंने ही लिखी थी जिस पर अब फिल्म बनाई गई है। लेखक राकेश भारती द्वारा दाखिल याचिका पर दायर हलफनामे में मेघना गुलजार ने यह बात कही है। इसके साथ लेखक ने फिल्म के लेखकों में अपना नाम भी शामिल किए जाने की मांग की है। गौरतलब है कि फिल्म ‘छपाक’ 10 जनवरी को रिलीज हो रही है।
सच्ची घटनाएं और तथ्य कापीराइट के अधिकारी नहींः नायक नायक एंड कंपनी के वकीलों अमित नायक तथा मधु गाडोडिया के जरिए दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है कि याचिका ‘पूरी तरह गलत, मनमानीपूर्ण, कानूनी रूप से गलत है और स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।’ हलफनामे में कहा गया है कि याची भारती ने एसिड हमले में जिंदा बची लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी पर आधारित फिल्म के विचारों के सुरक्षा की मांग की है। इसमे आगे कहा गया है, सच्ची घटनाएं और तथ्य कापीराइट के अधिकारी नहीं हैं।
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याचिकाकर्ता पर लगा बेवजह प्रचार पाने का आरोपः मामले में निदेशक ने इसमें आगे कहा है कि याचिकाकर्ता बेवजह प्रचार पाने के साथ ही मेघना गुलजार पर दबाव बनाना चाहता है। वह मेघना गुलजार की प्रतिष्ठा को आहत कर पैसा ऐंठना चाहता है। दीपिका पादुकोण अभिनीत यह फिल्म दस जनवरी को रिलीज होनी है।
‘छपाक’ फिल्म की अभिनेत्री ने किया जेएनयू का दौराः बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुए हमले के बाद छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए मंगलवार को जेएनयू पहुंची लेकिन उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित नहीं किया है। दीपिका शाम सात बज कर 40 मिनट पर विश्वविद्यालय परिसर पहुंची और उन्होंने एक जनसभा में हिस्सा लिया। दीपिका अपनी फिल्म के प्रचार के लिए देश के कई शहरों का दौरा कर रही है।

