म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान ने एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने पिछले 8 साल से इंडस्ट्री में काम न मिलने के पीछे सांप्रदायिक कारणों की तरफ इशारा किया था। जैसे ही उनका यह बयान लोगों के सामने आया। हर किसी ने उनकी आलोचना करना शुरू कर दी। सिंगर शान, शंकर महादेवन ने उनके इस आरोप को बेतुका बताया। वहीं, कंगना रनौत ने तो एआर रहमान पर पलटवार करते हुए यह तक कह दिया कि सबसे ज्यादा सांप्रदायिक तो वही हैं।
रहमान ने सिर्फ इस वजह से कंगना रनौत के साथ काम करने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह भगवा पार्टी को सपोर्ट करती हैं। इसकी वजह से कंपोजर ने उनसे मिलने तक से इनकार कर दिया था। अब खुद को चारों तरफ से घिरता देख रहमान ने यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी एक वीडियो शेयर कर इस मुद्दे पर सफाई दी है। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी किसी को दुख पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी।
एआर रहमान ने दी सफाई
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में रहमान ने कहा, “भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी इरादों को गलत समझा जा सकता है, लेकिन मेरा मकसद हमेशा संगीत के जरिए लोगों को ऊपर उठाना, सम्मान देना और सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी महसूस होगी। मुझे खुद के भारतीय होने पर गर्व है।”
इसके आगे उन्होंने कहा, “भारत ने मुझे वह मंच दिया, जहां मैं अपनी रचनात्मकता का पूर्ण स्वतंत्रता से प्रदर्शन कर सकता हूं। यह अवसर मुझे अलग-अलग संस्कृतियों की आवाजों को सम्मान देने और संगीत के माध्यम से जोड़ने का मौका देता है। भारत ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है और मेरे काम को और सार्थक बनाया है।”
सिंगर ने किया अपने प्रोजेक्ट का जिक्र
लास्ट में उन्होंने कहा, “जला को संवारने से लेकर, जिसे वेव्स समिट में माननीय प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। रूह-ए-नूर तक, यंग नागा संगीतकारों के साथ मिलकर एक स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा बनाने से लेकर सनशाइन ऑर्केस्ट्रा का मार्गदर्शन किया। साथ ही सीक्रेट माउंटेन नाम के भारत के पहले बहुसांस्कृतिक वर्चुअल बैंड की स्थापना की। हैंस जिमर के साथ ‘रामायण’ का संगीत तैयार करने का सम्मान मिला। इन सभी अनुभवों ने मेरे संगीत के उद्देश्य को और मजबूत किया है।”
अपने मैसेज के लास्ट में रहमान ने कहा, “मैं इस देश का हमेशा आभारी रहूंगा और ऐसे संगीत के लिए समर्पित हूं, जो अतीत का सम्मान करे, वर्तमान का उत्सव मनाए और भविष्य को प्रेरित करे। जय हिंद और जय हो।”
