बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर अनुराग कश्यप किसी ना किसी वजह के चलते सुर्खियों में रहते हैं। अपकमिंग प्रोजेक्ट के अलावा वह इंडस्ट्री की अन्य फिल्मों पर अपनी राय पेश करने में कोई हिचक महसूस नहीं करते हैं। इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर फिल्म का जलवा देखने को मिल रहा है, और ऐसे में डायरेक्टर ने भी इसके बारे में बात की, और उन दो सीन्स की ओर ध्यान खींचा, जो उन्हें प्रचार करने वाले लगे। आइए जानते हैं कि आदित्य धर की निर्देशित फिल्म के बारे में अनुराग कश्यप क्या सोचते हैं?

अनुराग कश्यप ने करियर में एक से बढ़कर एक शानदार फिल्में दी हैं। इस लिस्ट में गैंग्स ऑफ वासेपुर का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यही कारण है कि फिल्मों से जुड़ी उनकी राय को लोग गंभीरता से लेते हैं। लेटरबॉक्सड पर अनुराग कश्यप ने एक विस्तृत समीक्षा धुरंधर के बारे में लिखी। उनके अनुसार, धुरंधर का सार बिल्कुल सही बैठता है। उन्होंने लिखा, ‘कोई भी जासूस तब तक जासूस नहीं हो सकता है, जब तक उसके मन में शत्रु देश के प्रति घृण और आक्रोश न हो। इसी प्रकार, एक सैनिक उस समय तक सैनिक नहीं हो सकता है, जब तक उसके मन में शत्रु देश के प्रति आक्रोश न हो। मुझे इन दोनों ही बातों पर कोई आपत्ति नहीं है।’

डायरेक्टर ने धुरंधर फिल्म का जिक्र करते हुए दो ऐसे सीन पर सवाल खड़े किए, जो उन्हें सही नहीं लगे। डायरेक्टर का कहना है कि एक सीन है, जब आर. माधवन का किरदार कहता है, ‘एक दिन ऐसा जरूर आएगा, जब कोई देश के बारे में सोचेगा। इसके अलावा, दूसरा प्रचार वाला सीन उन्हें रणवीर सिंह के किरदार का लगा। जब रणवीर ने कहा, ये नया इंडिया है।

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अनुराग ने इन दोनों ही सीन को प्रमोशन बेस्ड बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इन दोनों सीन्स को नजरअंदाज कर दें, तो फिल्म शानदार है। अनुराग कश्यप ने फिल्म निर्माण की तारीफ करते हुए इसकी तुलना हॉलीवुड की कई क्लासिक फिल्मों से भी की।