अभिनेता अनुपम खेर अपनी बात कहने से कभी नहीं कतराते। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान, अनुपम ने हर साल के अंत में आयोजित होने वाले ‘राउंडटेबल इंटरव्यू’ पर अपनी बेबाक राय शेयर की। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में 41 साल से ज्यादा समय बिताने के बावजूद, उन्हें कभी ऐसे इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया जाता।
अनफ़िल्टर्ड विद समदीश में शामिल हुए खेर ने अपने करियर के बारे में बात की। खेर से पूछा गया कि क्या उन्हें इंडस्ट्री में कमतर आंका गया है, तो उन्होंने जवाब दिया कि ये भावनाएं इस बात पर निर्भर करती हैं कि आप किससे मान्यता चाहते हैं। उन्होंने कहा, “यह इस बात पर निर्भर करता है कि मैं किस तरह का व्यक्ति हूं या नहीं, यह तय करने वाले लोग किस तरह के हैं। लोगों का एक वर्ग है जो यह तय करने की कोशिश करता है कि वे किसे बड़ा नाम बनाना चाहते हैं और किसे नहीं। ऐसा हमेशा होता है, और यह लोगों के साधारण स्वभाव के कारण होता है।”
खेर ने खुद को बताया सबका बाप
अभिनेता ने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में जो कुछ भी होता है उसे नियंत्रित करने की कोशिश करने वाले लोगों का एक खास समूह है, जो किसी अभिनेता के करियर का ग्राफ तय करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, “मीडिया में कुछ लोग ऐसे हैं जो इस तरह के फैसले लेते हैं, ‘हम अनुपम खेर को किसी अभिनेता सम्मेलन में नहीं बुलाना चाहते।’ उन्होंने मुझे कभी नहीं बुलाया, और अभिनय के लिहाज से, मैं इन सबका बाप हूं। मैं एक वास्तविक एक्टिंग स्कूल चलाता हूं। हाल ही में, मैंने एक वरिष्ठ संपादक को फोन करके उनसे पूछा, ‘आप औसत दर्जे के अभिनेताओं से बात करके इतनी खुश क्यों होती हैं?'”
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यह बात पसंद नहीं कि कुछ लोग उन्हें सफल होते नहीं देखना चाहते। हालांकि, अभिनेता ने कहा कि अब उन्होंने इसके साथ जीना सीख लिया है और आत्मविश्वास के लिए बस इतना करना है कि दूसरों की राय की परवाह करना बंद कर दें। खेर ने कहा, “हर कोई चाहता है कि लोग उसे पसंद करें, और मुझे अब भी ऐसा ही लगता है। लेकिन जिस दिन आपको यह समझ आ जाता है कि आपको हर किसी के द्वारा पसंद किए जाने की ज़रूरत नहीं है, उसी दिन आप बादशाह बन जाते हैं। मैंने अपनी सभी असफलताओं पर एक नाटक भी लिखा और उसे दुनिया को दिखाया। उस समय, आप इस बात की परवाह करना बंद कर देते हैं कि लोग क्या सोचते हैं।”
