राजस्थान में 7 दिसंबर को चुनाव है। ऐसे में एक तरफ जहां प्रत्याशी-पार्टी पूरे दमखम से प्रचार प्रसार कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उन्हें जनता का आक्रोश भी झेलना पड़ रहा है। इस लिस्ट में नया नाम जुड़ा है भाजपा नेता और चौरासी प्रत्याशी राज्यमंत्री सुशील कटारा का। जिन्हें मांडली के भैसला गांव में विरोध का सामना करना पड़ा।
क्या है मामला
जानकारी के मुताबिक रात 8 बजे के आसपास सुशील कटारा और उनके कुछ साथी भैंसला गांव में प्रचार करने के लिए गए थे, लेकिन गांव में घुसने से पहले ही ग्रामीणों ने उनका जोरदार विरोध किया और जमकर मंत्रीजी वापस जाओ के नारे लगाए। जनता ने मंत्रीजी पर अपनी भड़ास निकालते हुए उन्हें खरी खोटी सुनाई और कहा कि आपने जो घोषणाएं की थीं वो आज तक पूरे नहीं हुए हैं। बता दें कि इस पंचायत को राज्यमंत्री सुशील कटारा ने गोद लिया है।
क्यों नाराज है जनता
– दरअसल जनता में आक्रोष है क्योंकि अभी तक किसी को भी कैटलशेड के रुपए का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं श्मशान घाट बनाने को लेकर राज्यमंत्री ने 2 साल पहले घोषणा की थी, लेकिन आज तक गांव में श्मशान घाट नहीं बन पाया है। यही नहीं इसके साथ ही ग्रामीणों ने विकास से जुड़े कई सवाल भी किए। आपको बता दें कि इस विधानसभा क्षेत्र का ये पहला मामला नहीं है जब सुशील का विरोध हुआ हो। इससे पहले पाटीदार समाज में पिछले सार हुए सामूहिक विवाह आयोजन के दौरान हर कन्या के घर पर हैंडपंप लगाने की भी घोषणा की थई लेकिन वो आज तक पूरी नहीं हुई।
– इसके साथ ही ग्रामीण पानी की समस्या को लेकर भी काफी परेशान हैं, लेकिन पानी को लेकर अभी तक कोई हल नहीं मिला है।
मैदान में किसके कितने प्रत्याशी
एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला पेटी में बंद है तो वहीं 200 सीटों के लिए राजस्थान में कुल 2294 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिसमें से भाजपा ने 200 प्रत्याशी, कांग्रेस ने 195, बसपा ने 190, आम आदमी पार्टी ने 142, भावापा ने 63, रालोपा ने 58 और अरापा ने 61 कैंडिडेट मैदान में उतारे हैं। बता दें प्रदेश में 7 दिसंबर को वोटिंग होगी जबकि 11 दिसंबर को नतीजे सबके सामने होंगे।
