उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में मतदान से पहले ही चुनाव बहिष्कार की बात भी सामने आने लगी है। विधानसभा जसराना क्षेत्र के अंतर्गत कचमई गांव की सड़कें बेहद खराब हैं और इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। खराब सड़कों की मरम्मत और अन्य मांगों को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए। इसके बाद उनको समझाने के लिए स्थानीय भाजपा विधायक की पत्नी वहां पहुंचीं तो ग्रामीणों की नारेबाजी पर वह भड़क गईं। भाजपा विधायक की पत्नी ने कहा कि उन्हें एक भी वोट नहीं चाहिए।

धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच भाजपा विधायक रामगोपाल लोधी की पत्नी और हाथवंत की ब्लॉक प्रमुख संध्या लोधी वहां पहुंचीं तो ग्रामीण नारेबाजी करने लगे। इस दौरान संध्या लोधी ने कहा, ”समस्या सुनना और उनको हल करना मेरा काम है, अगर वो मैं ना करूं तो आप मुझे बताइए।” इस दौरान भाजपा विधायक की पत्नी ने अपने द्वारा कराए काम गिनाने शुरू कर दिए, जिसके बाद ग्रामीणों से उनकी बहस हो गई।

संध्या लोधी ने बहस के दौरान गुस्से में यहां तक बोल दिया कि हमें आपका वोट नहीं चाहिए, जिससे ग्रामीण काफी नाराज हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो वे मतदान का बहिष्कार करेंगे। चुनाव बहिष्कार की बात पर आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अभी भी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।

ग्रामीण लगातार मांग कर रहे हैं कि उनके इलाके की सड़क की मरम्मत का काम नहीं हुआ तो वे लोग विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार करेंगे। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता लागू होने के कारण सड़क की मरम्मत का काम नहीं हो सकता है। लेकिन ग्रामीण उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव की सड़क की हालत बेहद खराब है, सड़क में गड्ढे हैं और कई सालों से सड़क की स्थिति जस की तस है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मांग को लेकर वे धरना दे रहे हैं और चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी पार्टी को वोट नहीं देंगे।