Sikkim Election Results 2019 Updates: सिक्किम में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए। सभी 32 सीटों के नतीजे भी जारी कर दिए गए। विधानसभा की 32 सीटों में से 17 सीट सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने जीती और 15 सीट सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के खाते में गई। राज्य में सरकार बनाने के लिए 17 सीटों की जरूरत है, जो सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के पास है। हालांकि, सिक्किम डेमोक्रेटिक पार्टी भी 15 सीट जीत गई है। इस वजह से विपक्ष भी मजबूत स्थिति में है। यदि पार्टी के अनुसार, वोट प्रतिशत की बात करें तो सिक्किम क्रांति मोर्चा को 47.03 प्रतिशत वोट मिला, लेकिन सीटें ज्यादा मिली। वहीं, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को वोट 47.63 प्रतिशत मिला, लेकिन सीट कम मिली। वहीं, राज्य में भाजपा को भी 1.62 प्रतिशत और कांग्रेस को 0.77 प्रतिशत वोट मिला है।
Election Results 2019 LIVE Updates: यहां देखें नतीजे
इसी के साथ पांच बार के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का 24 साल से चला आ रहा दौर खत्म हो गया जब उनकी पार्टी एसडीएफ राज्य विधानसभा चुनाव एसकेएम से हार गई। सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को 15 सीटें मिली जबकि 2013 में अस्तित्व में आये सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चे को 17 सीटें मिली जो 32 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिये जरूरी सीटों से एक अधिक है।
Loksabha Election 2019 Results live updates: See constituency wise winners list


पांच बार के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का 24 साल से चला आ रहा दौर खत्म हो गया जब उनकी पार्टी एसडीएफ राज्य विधानसभा चुनाव एसकेएम से हार गई। सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को 15 सीटें मिली जबकि 2013 में अस्तित्व में आये सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चे को 17 सीटें मिली जो 32 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिये जरूरी सीटों से एक अधिक है।
अब तक 32 विधानसभा सीटों में सिक्किम डेकोक्रेटिक फ्रंट को 9 सीटों पर जीत मिली है और वो 6 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं सिक्कित क्रांतिकारी मोर्चा ने अब तक 14 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। इसके अलावा वो 3 अन्य सीटों पर आगे चल रही है।
32 विधानसभा सीटों में से 22 के परिणाम सामने आ चुके हैं। जिसमें विपक्षी पार्टी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने 9 सीटें हासिल की हैं और 3 अन्य सीटों पर आगे चल रही है। वहीं रूलिंग पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 4 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की है और 6 सीटों पर आगे चल रही है।
वेस्ट पेंडम विधानसभा क्षेत्र से सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के एल. बी. दास 5717 मतों के साथ आगे चल रहे हैं। वहीं दूसरे स्थान पर सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के गोपाल बेली को अब तक 4,775 वोट मिले हैं।
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के फारवंती तमांग 6,134 मतों के साथ आगे चल रहे हैं। वहीं दूसरे स्थान पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के तिलक बासनेट को अब तक 5289 मत मिले हैं।
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी ली, इसके अलावा उन्होनें पीएम मोदी के साथ साथ अमेठी सीट पर स्मृति ईरानी की जीत पर उन्हें भी बधाई दी। राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संयम न खोने की अपील की है।
सिक्किम विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी एसडीएफ 14 सीटें जीत गई है। एसकेएम ने 12 सीटों पर जीत हासिल की है। यहां दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला कांटे का है।
सिक्किम के मुख्यमंत्री और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट प्रमुख पवन चामलिंग पोकलोक कामरांग विधानसभा सीट से जीत गए हैं। चामलिंग ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदि और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के प्रत्याशी खारका बहादुर राय को 2,899 मतों से हराया है।
सिक्किम में 24 सीटों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। सत्ताधारी दल एसडीएफ और मुख्य विपक्षी दल एसकेएम दोनों ने 12-12 सीटें जीती हैं।
सिक्किम की नाथहंग-माचोंग विधानसभा सीट से एसडीएफ उम्मीदवार डीटी लेप्चा आगे चल रहे हैं। लेप्चा यहां 6038 वोटों से आगे चल रहे हैं। यहां उनका मुकाबला एसकेएम प्रत्याशई सोनम वेनचुंगप्पा से है।
एसडीएफ के प्रत्याशी ताशी थेंदप ने बारफंग विधानसभा सीट जीत लिया है। उन्होंने इस सीट पर एसकेएम के प्रत्याशी लोबजांग भूटिया को 97 वोटों के मार्जिन से हराया।
सिक्किम विधानसभा की 16 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। सत्ताधारी एसडीएफ और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी एसकेएम ने 8-8 सीटों पर जीत हासिल की है। अभी यहां 16 सीटों पर नतीजे आने बाकी हैं।
एसकेएम के प्रत्याशी मणि कुमार शर्मा खामडोंग-सिगंटम विधानसभा सीट से जीत गए हैं। उन्होंने इस सीट से एसडीएफ के प्रत्याशी गर्जामन गुरंग को 873 वोटों के मार्जिन से हराया।
योकसम-तासीदिंग और ग्यालसिंग बरयांक विधानसभा सीट पर एसकेएम ने जीत हासिल की है। योकसाम-तासदिंग से पार्टी के उम्मीदवार सांगे लेप्चा को 5686 वोट मिले हैं तो वहीं ग्यालसिंग बरयांक विधानसभा सीट से लोकनाथ शर्मा को 5862 वोट मिले।
सांघा विधानसभा सीट से एसकेएम प्रत्याशी सोनम लामा जीत गई हैं। उन्होंने एसडीएफ के उम्मीदवार शेरिंग लामा को 630 मतों के अंतर से हराया।
सिक्किम लोकसभा सीट से सांसद प्रेमदास राय का जन्म 31 जुलाई 1954 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुआ था। उन्होंने मसूरी के वाइनबर्ग ऐलन स्कूल से प्राथमिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री और फिर आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन में डिप्लोमा हासिल किया। उनकी शादी 3 जनवरी 1982 में जीन राय के साथ हुई। उनके एक बेटी और एक बेटा हैं। राजनीति में कदम रखने से पहले प्रेमदास राय पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित बैंक ऑफ अमेरिका में नौकरी कर चुके हैं। वो सिक्किम फ्लोर मिल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं। प्रेमदास सिक्किम में कंप्यूटर की शुरूआत करने वाले वो पहले व्यक्ति हैं।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रेम दास राय ने अपने प्रतिद्वंदी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के टेकनाथ ढकाल को 41 हजार 742 वोटों से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में प्रेमदास राय को एक लाख 63 हजार 698 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का 52.79 फीसदी था। वहीं, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के प्रत्याशी टेक नाथ ढकाल को एक लाख 21 हजार 956 वोट ही मिले थे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 3 लाख 70 हजार 769 वोटरों में से 3 लाख 10 हजार 95 वोटरों ने अपने मतदान का इस्तेमाल किया था, जिनमें से 3 लाख 4 हजार 635 वोट वैध पाए गए थे।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रेमदास राय इस सीट से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 6 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 4 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
सिक्किम लोकसभा सीट साल 1977 में अस्तित्व में आई। चार जिलों वाले सिक्किम राज्य में सिर्फ एक ही लोकसभा सीट है, जिस पर अब तक 11 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। इस सीट पर सबसे अधिक 6 बार लगातार सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने जीत दर्ज की है। इस सीट पर साल 1985 में एक बार उपचुनाव भी हो चुका है, जिसमें सिक्किम संग्राम परिषद (SSP) ने जीत दर्ज की थी। वर्तमान में इस सीट को सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट का गढ़ माना जाता है, जो साल 1996 से लगातार जीत दर्ज करती आ रही है।
सिक्किम विधानसभा चुनाव 12 अप्रैल 2014 को हुए थे। जिसमें एसडीएफ ने एक बार फिर से बहुमत के साथ अपनी जीत बरकरार रखी। वहीं सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) एसडीएफ को चुनौती देने के लिए मैदान में उतर चुकी थी। सिक्किम में सिक्किम डेमोके्रटिक फ्रंट को 32 सीटों में से 22 सीटों पर जीत हासिल हुई। 55.03 प्रतिशत के वोट शेयर के साथ एसडीएफ ने अपना बहुमत बरकरार रखा। एसकेएम ने 40.80 प्रतिशत के वोट शेयर के साथ 10 सीटें जीतीं। बीजेपी और कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में भी खराब प्रदर्शन किया और क्रमशः 0.71 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त किए।
सिक्किम की सोरेंग चाकुंग विधानसभा सीट से एसडीएफ के प्रत्याशी एस आर सुब्बा 2020 मतों से आगे चल रहे हैं। इस सीट से एसकेएम आदित्य गोयल को 1704 वोट मिले हैं।
चीन, नेपाल, भूटान और तिब्बत की सीमा से लगे भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम की आबादी करीब 6 लाख 48 हजार है। अभी तक मौजूद आंकड़ों के मुताबिक यहां पर मतदाताओं की संख्या 3 लाख 70 हजार 769 है, जिसमें से महिला वोटरों की संख्या एक लाख 79 हजार 753 और पुरुष वोटरों की संख्या एक लाख 91 हजार 10 है।
राज्य की 16 विधानसभा सीटों पर एसडीएफ इस वक्त लीड कर रही है। अब तक हुई मतगणना में इस बात के काफी संकेत मिले हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री और एसडीएफ प्रमुख पवन कुमार चामलिंग, नमची-सिंघिथांग विधानसभा सीट से जीत जाएंगे। इसके अलावा सीएम पवन कुमार चामलिंग अपनी दूसरी सीट पोकलोक-कामरांग पर भी लगातार बढ़त बनाए हुए हैं।
सिक्किम का साल 1975 में भारत में विलय हुआ और पहली बार कांग्रेस की सरकार बनी। इसके बाद जब 1979 में विधानसभा चुनाव में हुए तो सिक्किम जनता परिषद की सरकार बनी। इसके बाद 1984 में कांग्रेस की सरकार बनी, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने के चलते 13 दिन के बाद ही इस्तीफा देना पड़ा। 1985 में विधानसभा चुनाव में असम संग्राम परिषद 32 में से 30 सीटों के साथ सत्ता में आई। इसके बाद 1989 में हुए चुनाव में सभी 32 सीटें जीतने में सफल रही। इसके बाद मुख्यमंत्री भंडारी के करीबी पवन कुमार चामलिंग ने बागी होकर सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट का गठन किया।
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) राज्य की 11 विधानसभा सीटों पर अभी आगे चल रही है। राज्य के सीएम पवन कुमार चामलिंग अपने गृह क्षेत्र पोकलोक-कोमरांग से लगातार बढ़त बनाए हुए हैं।
पूर्वोत्तर के सिक्किम में विधानसभा चुनाव की सियासी लड़ाई दो राष्ट्रीय पार्टियों की बजाए दो क्षेत्रीय दलों के गठबंधनों के बीच है। 1975 में सिक्किम के भारत में विलय के बाद से क्षेत्रीय दलों का दबदबा यहां की सियासत में देखने को मिला है। 20 साल से प्रदेश की सत्ता पर सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट का वर्चस्व कायम है। इस बार के विधानसभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को सिक्किम संग्राम परिषद से कड़ी चुनौती मिल रही है।
एक जरूरी जानकारी आपको दे दें कि साल 1984 में सिक्किम में कांग्रेस को महज 13 दिन सत्ता में रहने का मौका मिला था। इसके बाद से कांग्रेस राज्य में वापसी नहीं कर पाई है। इस बार बीजेपी सिक्किम संग्राम परिषद का हिस्सा बनकर चुनाव में उतरी है।
सिक्कम की 32 विधानसभा सीट पर कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए 17 सीटें चाहिए। राज्य में कुल 4,32,306 वोटर्स हैं। विधानसभा चुनाव में 78.19 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
राज्य में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट और एसकेएम के अलावा सिक्किम संग्राम परिषद (SSP), सिक्किम नेशनल पीपुल्स पार्टी (SNPP) चुनाव मैदान में है। पूर्व फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने हमारो सिक्किम पार्टी का निर्माण किया है। ये पार्टी भी चुनाव मैदान में है। बाइचुंग भूटिया यूकसम-ताशिदिंग विधानसभा सीट से मैदान में हैं।
पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम ज्योति बासु सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे थे लेकिन यह रिकॉर्ड पवन कुमार चामलिंग ने तोड़ दिया। पश्चिम बंगाल में माकपा ने 34 साल शासन किया। उसकी सरकार में ज्योति बसु 23 साल 137 दिन तक मुख्यमंत्री रहे। वहीं चामलिंग 12 दिसंबर, 1994 में सिक्किम के मुख्यमंत्री बने और आज तक मुख्यमंत्री हैं।
मतगणना के दौरान रुझान यह बता रहे हैं कि अब एसकेएम 5 सीटों पर आगे चल रही है। इससे पहले रुझानों से यह सामने आया था कि यहां एसडीएफ 6 सीटों पर आगे है।
सिक्किम में साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट न सिर्फ ज्यादा सीटें हासिल की थी, बल्कि वोट शेयर में भी अव्वल रही थी। विधानसभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को 55 फीसदी वोट मिले थे। वहीं सिक्किम डेमोक्रेटिक मोर्चा 40 फीसदी वोट शेयर के साथ दूसरे नंबर पर रही थी। बीजेपी को 0.71 फीसदी और कांग्रेस को 0.4 फीसदी वोट मिले थे।
साल 2014 में सिक्किम में हुए विधानसभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 22 सीटें हासिल की थी और राज्य की सत्ता पर फिर से कब्जा जमाया था। जबकी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 10 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई थी। यहां पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे, मगर एक भी सीट जीतने में ये दोनों पार्टियां कामयाब नहीं हो पाई थी। टीएमसी ने भी सात सीटों पर चुनाव लड़ा था।
बता दें कि सिक्किम में सत्ता की चाभी 17 सीटें जीतने वाली पार्टी को मिलेगी। इस वक्त जो रूझान सामने आ रहे हैं उसके मुताबिक एसडीएफ 6 सीटों पर बढ़त बनाए है जबकि एसकेएम 4 सटों पर आगे है।
सिक्किम विधानसभा चुनाव का पहला रिजल्ट आ गया है। सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के वांगचुंग भूटिया, यूकसम-ताशिदिंग विधानसभा सीट से आगे हैं। भूटिया 3218 वोटों से जीत गए हैं।
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के उम्मीदवार इंद्रा हंग सुबा आगे चल रहे हैं। सुबा एसडीएफ के उम्मीदवार देक बहादुर कटवाल से करीब 554 वोटों से आगे चल रहे हैं।
अभी यह एकदम शुरुआती रूझान हैं। यह रूझान बता रहे हैं कि 32 विधानसभा सीटों में से 6 पर एसडीएफ के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
एसडीएफ के उम्मीदवार वांगचुंग भूटिया योकसम-ताशिदिंग विधानसभा सीट से आगे चल रहे हैं।
सिक्किम में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी (SDF) 25 सालों से सत्ता में है। पार्टी के संस्थापक पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड है कि वो आजादी के बाद सबसे ज्यादा वक्त तक किसी राज्य के सीएम रहे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि जनता उन्हें अगले पांच साल के लिए एक बार फिर मौका जरूर देगी।
यूसकोम-तासीदिंग, बारफंग, मनीबोंग-देन्तगम, सिंगटमम-खामडोंग और यांगथांग सीट पर एसडीएफ आगे चल रही है।