पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। उनके कैबिनेट सहयोगियों ने ही मांग कर डाली है कि सीएम अमरिंदर सिंह की लीडरशिप पर सवाल उठाने वाले सिद्धू को इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसे में आम चुनाव के 23 मई को आने वाले नतीजों से पहले पंजाब कांग्रेस और सरकार में आपसी रार चरम पर पहुंच चुकी है। बता दें कि बीते हफ्ते कांग्रेस के स्टार कैंपेनर सिद्धू ने अमरिंदर को निशाने पर लेते हुए धार्मिक पुस्तक से बेअदबी के मामलों में सीएम और विपक्षी अकाली दल के बादल परिवार के बीच सांठगांठ होने का आरेाप लगाया था। वहीं, सिद्धू की पत्नी ने आरोप लगाया था कि अमरिंदर की वजह से उनका टिकट कट गया। जिस पर सिद्धू ने कहा था कि उनकी पत्नी झूठ नहीं बोलतीं।
सीएम की पत्नी और पटियाला से लोकसभा प्रत्याशी परनीत कौर और पार्टी के राज्य कैंपेन कमेटी के प्रमुख लाल सिंह ने भी सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उधर, पंजाब सरकार में मंत्री त्रिपत राजेंद्र सिंह बाजवा, भारत भूषण आशु, श्याम सुंदर अरोड़ा और राना गुरमीत सिंह सोढ़ी ने सिद्धू को निशाने पर लिया। बाजवा ने कहा, ‘अगर सिद्धधू को कैप्टन अमरिंदर की लीडरशिप पर भरोसा नहीं है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। अगर वह नैतिक तौर पर इतने मजबूत हैं तो अपनी कुर्सी से चिपके क्यों हुए हैं और ऐसे शख्स के साथ काम कर रहे हैं जिस पर वह विश्वास नहीं करते।’ बाजवा ने सिद्धू को पैराशूट लीडर बता डाला और कहा कि उन्हें संगठन के निर्माण का कोई अनुभव नहीं है। बता दें कि सिद्धू के आरोपों पर अमरिंदर ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि शायद सिद्धू की नजर सीएम की कुर्सी पर है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सिद्धू महत्वकांक्षी है और वह सीएम बनना चाहते हैं। सीएम ने ये भी कहा कि सिद्धू द्वारा इस तरह सार्वजनिक मंच पर बयानबाजी करने से पार्टी को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस आलाकमान ने भी लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के बयानों की वीडियो क्लिप मांगी हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ यह रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को देंगे।
