प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल (बुधवार, 01 मार्च को) कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नारियल जूस वाले भाषण पर चुटकी लेते हुए कहा था कि उन्हें पता नहीं है कि नारियल से पानी निकलता है या जूस। उनके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी राहुल गांधी पर कटाक्ष किया था। शाह ने बुधवार को मणिपुर में कहा कि राहुल को पता ही नहीं कि मणिपुर में अनानास होता है नारियल नहीं। उन्होंने तंज भी कसा, “लगता है आपको इबोबी सिंह ने ठीक से भाषण लिखकर नहीं दिया है या फिर आपको नारियल और अनानास का अंतर मालूम नहीं है।” बाद में कांग्रेस ने राहुल गांधी के भाषण का वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने भाषण में नारियल का नाम ही नहीं लिया। दरअसल, राहुल गांधी ने नारंगी, नींबू और अनानास की बात कही थी लेकिन प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष ने उसे नारियल समझने की भूल कर दी। जब यह खबर सोशल मीडिया पर फैली तो लोगों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसी ने उन्हें गधा तो किसी ने अनपढ़ और जाहिल करार दिया।
जनसत्ता ने जब इस खबर को फेसबुक पर शेयर किया तो लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने पीएम पर निशाना साधते हुए लिखा है कि जब गधे से प्रेरणा लेंगे तो दिमाग कहां होगा? उसने लिखा है कि गलती मोदी जी से नहीं देश से हुई है, जिसने उन्हें इतने बड़े पद पर बैठा दिया जिसके लायक ये हैं ही नहीं। एक यूजर ने लिखा है कि पीएम महोदय फिर झूठ बोलते हुए पकड़े गए हैं। एक अन्य यूजर ने लिखा है कि अनपढ़ को किसी ने बता दिया होगा कि पाइनेपल का मतलब नारियल होता है और कहने लगा नारियल का जूस। फेंकू कहीं का, जबकि एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि पीएम को मकान और श्मसान में फर्क समझ में नहीं आता है। लोगों को चाहिए मकान लेकिन मोदी जी कहते हैं बनाओ श्मसान।

