Lok Sabha Elections Exit Poll Results 2019: भारत में 17वीं लोकसभा के गठन के लिए सातों चरण का मतदान ख़त्म हो चुका है और एक्जिट पोल भी आ चुके हैं। विभिन्न टीवी न्यूज चैनल्स और पोल एजेंसियों के एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार एनडीए एक बार फिर सरकार बनती दिख रही हैं। सभी चैनल्स और पोल एजेंसियों के मुताबिक एनडीए को 300 के लगभग सीट मिल सकती हैं। वहीं यूपीए को 120 से 130 तो अन्य को 130 के लगभग सीट मिल रहीं हैं। हालांकि एक्जिट पोल पूरी तरह सही साबित नहीं होते हैं, लेकिन इससे एक अनुमान मिल जाता है कि चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिल रही है।
Exit Poll Results 2019 Lok Sabha Elections LIVE: यहां देखें एग्जिट पोल्स के सटीक नतीजे
Exit Poll Results 2019 Lok Sabha Elections LIVE: यहां देखें एग्जिट पोल्स की सभी लाइव अपडेट
पिछले दशक में देश में टीवी और अन्य मीडिया माध्यमों की पहुंच बढ़ने के बाद एग्जिट और ओपिनियन पोल काफी बढ़ गए हैं। कभी-कभी ये चुनावी भविष्यवाणी नतीजे के काफी करीब होते हैं। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2014 में टूडे चाणक्या ने एनडीए के लिए 340 और भाजपा के लिए 291 सीटों की भविष्यवाणी की थी और नतीजे लगभग इसी के आसपास रहे। भाजपा को अकेले 282 सीटें मिली। वहीं, कभी-कभी ये हवा-हवाई साबित होते हैं जैसे कि बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में। इस चुनाव में सभी एक्जिट पोल को धत्ता बताते हुए महागठबंधन (तत्कालीन जदयू, राजद और कांग्रेस) को बहुमत मिला।
एक्जिट पोल के लिए सर्वे करने वाले मतदाताओं के बूथ से निकलने के बाद उनसे बात करते हैं। उनसे वोट ट्रेंड के बारे में पूछते हैं और उसी आधार पर चुनावी भविष्यवाणी की जाती है। उदाहरण के तौर पर यदि उत्तर प्रदेश के कोई मतदाता वोट देकर निकले तो उसने ये पूछा जा सकता है कि क्या नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे या फिर जनता महागठबंधन (सपा-बसपा) के साथ है। लगभग सभी सीटों पर इसी तरह से सर्वे किया जाता है और फिर विशलेषण कर यह संभावना जताई जाती है कि इस बार किस पार्टी को बहुमत व कितना सीट मिलता दिख रहा है।
Exit Poll Results 2019 Lok Sabha Elections LIVE: यहां देखें सभी नतीजे
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने मार्च में मीडिया संस्थानों को निर्देश जारी कर कहा था कि एक्जिट पोल का प्रसारण सातवें चरण का मतदान 19 मई को समाप्त होने के बाद ही होना चाहिए। यह निर्देश आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में विधानसभा चुनावों के लिए भी लागू है। यह पहली बार है कि जब 2019 के लोकसभा चुनाव में यह निर्देश वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भी जारी किया गया है
