Karnataka Election Exit Poll 2018: कर्नाटक विधानसभा चुनाव (12 मई) संपन्न होने के साथ ही सत्ता में वापसी को लेकर अनुमान का दौर भी शुरू हो गया है। चुनाव के तुरंत बाद सामने आए एग्जिट पोल के बाद अब कर्नाटक के स्थानीय पत्रकारों का सर्वेक्षण सामने आया है। इसमें भी भाजपा के सबसे बड़े दल के तौर पर सामने आने की बात कही गई है। ‘एबीपी न्यूज’ पर प्रसारित सर्वेक्षण में राज्य में पांच साल से सत्ता से दूर बजेपी को 99 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, सत्तारूढ़ कांग्रेस को भाजपा से 10 कम 89 सीटें मिलने की बात कही गई है। कर्नाटक की तीसरी प्रभावी पार्टी जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के ‘किंग मेकर’ के रूप में सामने आने की बात कही गई है। जेडीएस को 34 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दो सीटें अन्य के खाते में जाएगी। पत्रकारों के सर्वेक्षण में भी कर्नाटक में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने की बात कही गई है। बता दें कि 15 मई को मतगणना होना है, जिसके बाद असली तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।
कर्नाटक विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद जारी एग्जिट पोल में भी त्रिशंकु विधानसभा के आसार व्यक्त किए गए थे। एबीपी न्यूज-सी वोटर ने भाजपा को 104 से 116 सीटें मिलने की बात कही गई थी। वहीं, कांग्रेस को 83 से 94 और जेडीएस 20 से 29 सीटें मिलने के आसार व्यक्त किए गए थे। टुडेज चाणक्य-टाइम्स नाऊ ने भाजपा को 120 सीटें और कांग्रेस को 73 सीटें मिलने की संभावना जताई गई हैं। मालूम हो कि वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 40 सीटें मिली थीं। पार्टी को राज्य के हर इलाके में हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, कांग्रेस को 122 सीटें मिली थीं और सिद्धारमैया के नेतृत्व में पार्टी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। दिलचस्प है कि जेडीएस 40 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। अन्य के खाते में 22 सीटें गई थीं।
कर्नाटक में पिछले तीन दशक से किसी भी दल ने लागातार दोबारा सत्ता में वापसी नहीं की है। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना जताई है। हालांकि, चुनाव संपन्न होने के बाद उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी किसी ‘दलित’ को मुख्यमंत्री बनाना चाहेगी तो वह पीछे हट जाएंगे। सिद्धारमैया के इस बयान को कांग्रेस को पूर्ण बहुमत न मिलने के संकेत और हालात के अनुसार जेडीएस के साथ गठबंधन के लिए तैयार होने के तौर पर देखा जा रहा है।
