UPTET 2018: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) दो सप्ताह के लिए स्थगित हो सकती है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने UPTET के लिए सरकार से समय मांगा है। इसकी वजह BTC 2015 बैच के प्रशिक्षुओं का दबाव और 4 नवंबर को होने वाली राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (NTSE) बताया जा रहा है। BTC 2015 के चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 8 से 10 अक्टूबर 2018 के बीच होनी थी लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। परीक्षा नहीं होने से 72668 प्रशिक्षुओं पर 95 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने का खतरा बढ़ गया है। 95 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए BTC का चौथा सेमेस्टर पूरा करना अनिवार्य है। हालांकि 4 नवंबर को प्रस्तावित UPTET में प्रशिक्षु अपीयरिंग के आधार पर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे को लेकर BTC प्रशिक्षुओं को आश्वासन दिया कि परीक्षाएं जल्द आयोजित कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BTC प्रशिक्षुओं के प्रतिनिधि मण्डल से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि निरस्त हुई परीक्षा जल्द आयोजित होगी। बता दें कौशाम्बी में BTC परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले सभी विषयों के पेपर लीक होने से परीक्षा रद्द कर दी गई थी। शुक्रवार (12 अक्टूबर) को इस मामले पर शाम 4 बजे से लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर BTC 2015 के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा जल्द कराने पर निर्णय हो सकता है। BTC परीक्षा का आयोजन जल्द कराने पर मुहर लगती है तो UPTET टाली जा सकती हैं।
UPTET 2018 के लिए आवेदन 18 सितंबर 2018 से शुरू हुए थे और 7 अक्टूबर 2018 को समाप्त हुए थे। शेड्यूल के मुताबिक UPTET 2018 परीक्षा 4 नवंबर 2018 को होगी। प्राइमरी और अपर प्राइमरी लेवल अध्यापक बनने के लिए UPTET पास करना अनिवार्य होता है। UPTET में दो पेपर होते हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक का अध्यापक बनने के लिए उम्मीदवार को पेपर I पास करना होता है। वहीं छठवीं से आठवीं कक्षा तक के शिक्षक पद के उम्मीदवार को पेपर II मे उत्तीर्ण होना जरूरी होता है।

