जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष एसएन बालाजी ने मानव संसाधन और विकास मंत्री (MHRD) रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि दो दलित बीटेक छात्रों को उनके तीसरे सेमेस्टर में रजिस्ट्रेशन करने से रोक दिया गया और प्रशासन द्वारा उन्हें यूनिवर्सिटी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

नियमों की नहीं दी गई थी जानकारीः बालाजी ने कहा कि जेएनयू इंजीनियरिंग स्कूल के छात्रों ने सीखने और आगे बढ़ पाने की उम्मीद में यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था लेकिन उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को परीक्षाओं और पदोन्नति नियमों के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी, जिसके कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बालाजी ने निशंक को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में उचित आधारभूत ढांचा और नियमों को लेकर पारदर्शिता हो। इसके साथ ही वहां सुधार के साथ ही पूरक परीक्षा के अवसर हों।

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पूरे साल करना पड़ा संघर्षः छात्र संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यहां अचानक छात्रों को बताया गया कि उनके पास आवश्यक ग्रेड नहीं है, इसलिए जुलाई 2019 से शुरू होने वाले तीसरे सेमेस्टर में उनका रजिस्ट्रेशन रोक दिया गया। उन्हें किताबों, उचित क्लास रूम और अन्य सुविधाओं के लिए पूरे साल संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने पत्र में लिखा कि वेबसाइट में उनके लिए पारंपरिक रूप से प्रदर्शित अध्यादेश भी लागू नहीं है। जानकारी के मुताबिक छात्रों ने जेएनयू प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस पूरे मामले पर यूनिवर्सिटी प्रशासन संपर्क की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।