केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत देश भर में चलने वाले 1,256 केंद्रीय विद्यालयों में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या में एक वर्ष कमी दर्ज की गई है। 31 दिसंबर, 2024 को केंद्रीय विद्यालयों में एससी विद्यार्थियों की संख्या 2,83,592 थी जो केंद्रीय विद्यार्थियों में उस समय पढ़ रहे विद्यार्थियों का 20.39 फीसद थी। 31 दिसंबर, 2025 को इन विद्यालयों में पढ़ने वाले एससी वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या कम होकर 2,63,332 हो गई जो कुल विद्यार्थियों का 19.49 फीसद ही रह गई।
केंद्रीय विद्यालयों का संचालन करने वाले केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की वार्षिक रपट के मुताबिक इस एक वर्ष के दौरान केंद्रीय विद्यालयों में एससी वर्ग के 20,260 विद्यार्थियों (0.9 फीसद) की कमी हुई। रपट के मुताबिक इस अंतराल में अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांग वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई। रपट के अनुसार एसटी वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या में पिछले एक वर्ष में 6.70 फीसद से 6.74 फीसद हो गई। ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या 27.94 फीसद से 32.29 फीसद और दिव्यांग वर्ग वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या 0.49 फीसद से 0.59 फीसद पहुंच गई।
रपट के मुताबिक इस अंतराल में कुल विद्यार्थियों की तुलना में छात्रों के फीसद में कमी और छात्राओं के फीसद वृद्धि भी दर्ज की गई है। 31 दिसंबर, 2024 को केंद्रीय विद्यालयों में 53.45 फीसद (7,43,217) छात्र पढ़ रहे थे जबकि 31 दिसंबर, 2025 को पढ़ने वाले छात्रों का फीसद घटकर 53.14 फीसद (7,18,113) हो गई। छात्राओं की बात करें तो रपट के मुताबिक 31 दिसंबर, 2024 को 46.55 फीसद (6,47,300) छात्राएं केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ रही थीं जबकि 31 दिसंबर, 2025 को पढ़ने वाली छात्राओं का फीसद बढ़कर 46.86 (6,33,333) हो गया।
अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षाकेंद्रीय विद्यालयों में सभी नए प्रवेशों के लिए अनुसूचित जाति के लिए 15 फीसद, अनुसूचित जनजाति के लिए 7.5 फीसद सीटें और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी-एनसीएल) के लिए 27 फीसद सीटें आरक्षित हैं। उपलब्ध सीटों का तीन फीसद दिव्यांग बच्चों के लिए आरक्षित किया गया है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की वार्षिक रपट के मुताबिक एक वर्ष के दौरान केंद्रीय विद्यालयों में एससी वर्ग के 20,260 विद्यार्थियों (0.9 फीसद) की कमी हुई। रपट के मुताबिक इस अंतराल में अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांग वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई।
सबसे अधिक विद्यालय उत्तर प्रदेश में
केंद्रीय विद्यालयों की मौजूदगी देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में है। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 122 केंद्रीय विद्यालय हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश 112 विद्यालय हैं। इन दोनों प्रदेशों में ही 100 से अधिक केंद्रीय विद्यालय हैं। इसके अलावा राजस्थान में 77, ओड़ीशा में 67, पश्चिम बंगाल में 62, महाराष्ट्र में 59, कर्नाटक में 52, गुजराव व दिल्ली में 46-46 केंद्रीय विद्यालय हैं। केंद्रीय शासित प्रदेश लक्ष्यद्वीप में केवल एक केंद्रीय विद्यालय है।
