विश्वविद्यालय अनुदान योग (यूजीसी) ने ओबीसी कोटे के तहत टीचर्स की भर्ती करने को मंजूरी दे दी है। ऐसे में डीयू से संबद्ध कॉलेजों में करीब 1200 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इस संबंध में कई लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई हैं, जिनका मानना है कि इस संबंध में रोस्टर सिस्टम लागू होना चाहिए। ऐसा न होने पर उन्होंने अनियमितता के खिलाफ आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात कही है, जिससे विश्वविद्यालय को यूजीसी से मिलने वाले अनुदान में भी दिक्कतें आ सकती हैं।
12 साल बाद मिली मंजूरी: जानकारी के मुताबिक आरक्षित सीटों को भरने के लिए मंजूरी तकरीबन 12 साल बाद जाकर मिली है। मामले पर बात करते हुएडीयू के एससी-एसटी, ओबीसी टीचर्स फॉर्म के प्रोफेसर केपी सिंह यादव ने बताया, “वर्ष 2007 में उच्च शिक्षण संस्थानों की शिक्षक नियुक्तियों में 27 फीसदी आरक्षण दिया गया था लेकिन बाद में शिक्षकों के पद पर दिल्ली विश्वविद्यालय और उनसे सम्बद्ध कॉलेजों की तरफ से 10 फीसदी भी स्थाई नियुक्तियां नहीं की गईं जबकि कालेजो को अनुदान राशी मिली उन्होंने उससे कॉलेज का विस्तार कर लिया”।
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इश्तेहार निकालकर भी नहीं भरे गए पद: प्रो यादव ने बताया कि कॉलेजों ने दो बार विज्ञापन निकाले लेकिन ओबीसी कोटे वाली सीटों को नहीं भरा. वहीं फोरम के पूर्व अध्यक्ष और विद्वत परिषद् के सदस्य प्रो हंसराज सुमन ने डीयू के कुलपति से मांग रखी कि अब होने वाली ओबीसी कोटे की नियुक्ति को पूरी तरह से स्थायी नियुक्ति होने तक एडहॉक माध्यम से भरा जाए।
रोस्टर तैयार करने की मांग: प्रो हंसराज ने कहा कि कुलपति से उनकी मांग है कि सम्बंधित पदों को लेकर जल्द से जल्द रोस्टर बनाया जाये,रोस्टर तैयार करने के बाद यूनिवर्सिटी इसे पास कराकर पदों के लिए विज्ञापन निकाले और इन पदों को इसी सत्र में भर लिया जाये।
कहां कितनी नियुक्तियां: UGC द्वारा दी गई मंजूरी में तमाम कॉलेज शामिल हैं जिसमें – जाकिर हुसैन कॉलेज(42), दयाल सिंह कॉलेज(41), देशबंधु कॉलेज(40), रामजस कॉलेज (39), स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, लक्ष्मीबाई कॉलेज(39),गार्गी कॉलेज(38),आत्माराम सनातनधर्म कॉलेज(35), शिवाजी कॉलेज (34), श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज (34), PGDAV कॉलेज में (33), हंसराज कॉलेज (32), वेंकटेश्वर कॉलेज (32),मोतीलाल नेहरु कॉलेज (31),कालिंदी कॉलेज (31), मिरांडा हॉउस (31), मैत्रेयी कॉलेज (30), सत्यवती कॉलेज (30), श्री अरविंदो कॉलेज (28), श्यामलाल कॉलेज में 28 और राजधानी कॉलेज में 28 पदों पर नियुक्ति होनी है।
आन्दोलन की चेतवानी: प्रो सुमन बोले कि अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन UGC के इस आदेश के बावजूद विभिन्न कालेजों में प्राचार्यों को आदेश जारी कर नियुक्ति के संबंध में ज़रूरी कार्रवाई नहीं करता है तो कॉलेज के खिलाफ आन्दोलन किया जायेगा साथ ही विश्विद्यालय अनुदान आयोग से कॉलेजों को आने वाली ग्रांट रोकने के लिए भी निवेदन किया जायेगा।
