Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत दी है। CBSE ने पासिंग क्राइटेरिया में बदलाव किए हैं। अगले साल से स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल और थ्योरी, दोनों पेपर में अलग-अलग नहीं बल्कि मिलाकर ही कुल 33 फीसदी मार्क्स हासिल करने होंगे। CBSE चेयरमैन अनीता करवाल ने कहा, “स्टूडेंट्स को राहत देने के लिए बोर्ड ने 10वीं कक्षा के पासिंग क्राइटेरिया को आसान बनाने का फैसला लिया है। अगले साल से स्टूडेंट्स को थ्योरी और प्रैक्टिकल में कंबाइंड 33 फीसदी मार्क्स हासिल करने होंगे।” बता दें इससे पहले प्रैक्टिकल और थ्योरी, दोनों में पास होने के लिए अलग-अलग 33 फीसदी मार्क्स हासिल करना अनिवार्य था।
Central Board of Secondary Education, (CBSE) ने आगामी सत्र के लिए कक्षा 9वीं और कक्षा 11वीं के स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन 1 अक्टूबर से शुरू कर दिया था। CBSE संबद्ध स्कूलों को अपना-अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन 22 अक्टूबर तक आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in चलेगा। स्कूलों के लिए यह रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 9वीं कक्षा के छात्रों का और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 11वीं कक्षा के छात्रों का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी होता है। हर वर्ष सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं मार्च महीने में आयोजित होती हैं लेकिन आगामी परीक्षाएं फरवरी 2019 में आयोजित होंगी। बोर्ड ने 26 सितंबर को परीक्षाएं फरवरी महीने में कराने का ऐलान किया था। बोर्ड स्किल एजुकेशन (वोकेशनल) और संबंधित विषयों की परीक्षा फरवरी 2018 में कराएगा।
CBSE ने यह फैसला दिल्ली हाई कोर्ट के 11 जुलाई, 2018 के आदेश के मद्देनजर लिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और सीबीएसई को सुनिश्चित करने को कहा था कि वह अकादमिक साल ऐसे समय पर शुरू करें जिससे कि सीबीएसई बोर्ड के रीवैलुएशन रिजल्ट्स को दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए कटऑफ निर्धारित करते समय ध्यान में रखा जा सके। 40 विभिन्न वोकेशनल सबजेक्ट्स के अलावा बोर्ड टायपोग्राफी और कम्प्यूटर एप्लिकेशन्स (इंग्लिश), वेब एप्लिकेशन्स, ग्राफिक्स, ऑफिस कम्यूनिकेशन आदि विषयों की परीक्षा भी फरवरी 2019 में कराएगा।
