आम तौर पर सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थकों के गुस्से का शिकार बनने वाले वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ट्विटर पर ये कहकर आलोचकों से घिर गए हैं कि उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है। सरदेसाई ने अपनी वेबसाइट पर यूपी चुनाव पर लिखे एक लेख का लिंक ट्विटर पर शेयर किया है जिसमें कहा गया है कि यूपी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा हो सकती है। लेकिन ट्विटरबाजों को उनकी राय नागवार लगी। यूपी विधान सभा चुनाव के दो चरणों का मतदान अभी बाकी है। चार मार्च और आठ मार्च को छठे और सातवें चरण के मतदान के बाद 11 मार्च को चुनाव के नतीजे आएंगे।

संजीव शुक्ला नाम यूजर ने लिखा है, “राजदीप सरदेसाई, कानूनी और नैतिक रूप से मीडिया खास तौर पर जो लोकप्रिय हैं, द्वारा ऐसी घोषणा ठीक नहीं है। जो चरण अभी बाकी हैं।” फिलिप फिन्ने नामक यूजर ने लिखा है, “आप अपने बकवास को लोगों पर थोपने की जगह कुछ दिन और इंतजार क्यों नहीं कर सकते थे?” एनआरआई-बीजेपी नामक यूजर ने लिखा है, “राजदीप सरदेसाई 11 मार्च तक इंतजार करें।”

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योगी नामक यूजर ने लिखा है, “आदमी कई बार हताश हो जाता है खासकर उम्र ढल रही हो। अपने स्वघोषित स्वच्छ पत्रकारिता को दागदार न बनाएं।” सीबी वेंकटेश लिखते हैं, “ऐसी चीजें लिखना मतदाओं को प्रभावित करना है। ऐसी चीजों पर एग्जिट पोल की तरह रोक लगनी चाहिए।” भूमिप्रकाश नामक यूजर ने लिखा है, “इसीलिए चुनाव के दौरान मिडिया बेन होना चाहिए।” एक अन्य यूजर भूपेंद्र ने ट्विटर पर राजदीप से पूछा है, “पत्रकार हो या बीजेपी के वफादार” हालांकि कई ट्विटर यूजर ने राजदीप का समर्थन भी किया है। बाबू नामक ट्विटर यूजर राजदीप का समर्थन करते हुए लिखा है, “बहुत दिन बाद पत्रकार बना है।”

अपने लेख में राजदीप ने 2014 के लोक सभा चुनाव में भाजपा को मिले 42 प्रतिशट वोटों के आधार पर कहा है कि पार्टी यूपी में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। राजदीप ने लिखा है कि अगर भाजपा के 10 प्रतिशत वोट भी कम हो जाते हैं जिसकी कम ही संभावना है तो भी वो सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है क्योंकि यूपी में 2012 और 2007 के विधान सभा चुनावों में करीब 30 प्रतिशत वोट पाने वाली पार्टियां सबसे बहुमत पाने में कामयाब रही थीं। हालांकि लेख की शुरुआत में ही राजदीप ने साफ किया है कि 1993 में भी उन्होंने राज्य में भाजपा की जीत का अनुमान लगाया था जो गलत साबित हुआ था। लेकिन वो एक बार फिर चुनावी नतीजों के बारे में अटकल लगाकर अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार हैं।

राजदीप सरदेसाई के ट्विटर पर यूजर्स के कमेंट। (तस्वीर- ट्विटर)