जब पुलिस तथा पड़ोसियों ने इस महिला की कोई मदद नहीं की तो उसने एक समाज सेविका के पास अपनी गुहार लगाई। इस महिला ने जानी-मानी सेविका दीपिका नारायण भारद्वाज को लिखित रुप में बताया कि किस तरह उनके साथ एक भयानक हादसा हुआ और इस हादसे से डरकर वो कैसे पुलिस के पास मदद के लिए दौड़ती रही लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। दीपिका नारायण भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस महिला की भयानक दास्तान को शेयर किया है और कहा कि पुलिस का रवैया हैरान करने वाला है। कृपया इनकी मदद करें।
समाज सेविका ने इस महिला की जो कहानी अपने फेसबुक पर पोस्ट की है उसके मुताबिक ’30 जनवरी की रात 2 बजे बेंग्लुरु की रहने वाली इस महिला के घर के बाहर किसी ने दस्तक दी। कोई दरवाजे के बाहर लगे अलार्म को लगातार बजा रहा था और साथ ही साथ दरवाजे को पीट भी रहा था। महिला ने बताया कि दरवाजे के बगल में लगी खिड़की को उस शख्स ने खोल दिया था और फिर हाथ डालकर वो दरवाजे को खोलने की भरपूर कोशिश भी कर रहा था।
महिला ने बताया कि उस वक्त रात के 2 बजे रहे थे और मैंने तुरंत 100 नंबर पर डायल कर मदद मांगी। लेकिन पुलिस करीब आधे घंटे देर से आई जबकि Puttenahalli police station उनके घर से करीब 5 मिनट की दूरी पर ही स्थित है। पुलिस के आते-आते यह अपराधी वहां से भाग चुका था। महिला ने बताया कि उसे चोट लगी थी। उसने बिल्डिंग में कहीं से चढ़ने की भी कोशिश की थी सीढ़ियों पर तथा खिड़की के पास खून के दाग लगे थे। घर आने के बाद पुलिस ने हर जगह तलाशी ली लेकिन वो नहीं मिला।
हालांकि उनलोगों ने आसपास की बिल्डिंग में कोई तफ्तीश नहीं की और ना ही रुककर उसके दोबारा आने के इंतजार किया। इसके बदले उन्होंने मुझे एक फोन नंबर देते हुए कहा कि अगर कुछ हो तो इसपर फोन कर दें। महिला ने बताया कि इस घटना से वो बुरी तरह डर गई थीं। सुबह 7 बजे जब वो अपने काम पर जाने के लिए तैयार हो रही थी जब उन्होंने देखा कि उनके कमरे के फर्श पर कंडोम का पैकेट गिरा है।
मुझे पूरी उम्मीद है कि यह पैकेट उसी बदमाश ने फेंका था। मैंने उसी वक्त पुलिस को फिर फोन किया। पुलिस करीब 9.30 से 10.00 बजे के बीच वहां आई। उस वक्त पुलिस ने इस घटना को काफी हल्के में लिया और कहा कि कोई बात नहीं इसे फेंक दीजिए।
महिला ने बताया कि पुलिस ने उनसे यह पैकेट नहीं लिया और उन्हें लिखित शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आने को कहा। महिला ने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने बिल्डिंग के केयरटेकर से संपर्क कर वहां लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज का जब मुआयना किया तो इसमें वो संदिग्ध नजर आया। यह संदिग्ध बिल्डिंग के दूसरे घरों में भी जाता नजर आया। महिला का कहना था कि उन्होंने इसे पहले कभी नहीं देखा था।
महिला का आरोप है कि पुलिस स्टेशन में पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। थाने के सब-इंस्पेक्टर ने कहा कि यह शख्स अपरिचित था इसलिए हम शिकायत दर्ज नहीं कर सकते। महिला के मुताबिक अगले दिन उन्हें एक एकनॉलजमेंट मिला जिसमें तीन वाक्यों में यह लिखा गया था कि रात में घर के खिड़की, दरवाजे बंद रखें तथा किसी अनजान शख्स के लिए दरवाजे ना खोलें।
इस महिला ने बताया कि वो दोबारा थाने गई थीं और उन्होंने एफआईआर करने और इस एफआईआर में सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करने से इनकार कर दिया। महिला के मुताबिक पुलिस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। तीन साल से यह महिला इस घर में रह रही थीं और अब उन्होंने यह घर छोड़ने का फैसला किया है।

