बिहार का एक जिला है सारण। इस जिले के एक शहर छपरा के शीतलपुर गांव में नीरज नयन पांडेय का जन्म हुआ था। नीरज नयन पांडे के पिता नाम कपिल पांडे हैं। उनका यह गांव दाउदपुर थाने में आता है। आज हम जिस कामयाब आईपीएस अफसर का यहां जिक्र कर रहे हैं उनके बारे में आपको बता दें कि पुलिस सेवा में आज वो जिस पद पहुंच चुके हैं उस पद पर उनके गांव से आज तक कोई भी शख्स नहीं पहुंच सका है। नीरज नयन पांडे ने मैट्रिक की परीक्षा पटना से पास की। वहीं ग्रेजुएशन बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बनारस से किया। उसके बाद आईपीएस की तैयारी में जुट गए और सफलता हासिल कर सबसे पहले एएसपी बने।
उनकी पहली पोस्टिंग दार्जिलिंग में एएसपी के पद पर हुई थी। उसके बाद वे कुछ समय पुरुलिया के भी एएसपी रहे। उस वक्त पुरुलिया में गिराये गए विदेशी हथियार के जखीरे को जब्त कर काफी चर्चा में रहे। वे सीबीआई ऑफिसर के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं। उसके बाद तरक्की करते हुए पुलिस विभाग के सर्वोच्च पद पर पहुंचने में कामयाबी हासिल की है।
वर्ष 1987 के बंगाल कैडर के ये आईपीएस काफी चर्चा में रहे। दरअसल इसी साल चुनाव आयोग ने आईपीएस अफसर नीरज नयन पांडे को पश्चिम बंगाल का डीजीपी नियुक्त किया। पश्चिम बंगाल में हाल ही में चुनाव संपन्न हुए थे। इस विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से करने की जिम्मेदारी इस बहादुर अफसर के कंधे पर ही थी।
जब नीरज नयन पांडे को पश्चिम बंगाल पुलिस का मुखिया बनाया गया था तब बिहार के छपरा स्थित उनके गांव में खुशी की लहर थी। हाल ही में उनके गांव के पूर्व मुखिया कमलेश द्वेदी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा था कि ‘यह बहुत ही गौरवान्वित करने वाली बात है…आजादी के बाद अब तक इस गांव का एक भी बेटा इतने बड़े ओहदे पर कभी नहीं बैठा…पूरे गांव के लोग खुशी मना रहे हैं।
लोगों को आशा है कि हमारे गांव का लाल नीरज नयन पांडे जो कि अब पश्चिम बंगाल का DGP नियुक्त हो गया वो बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को बेहतर शांतिपूर्ण तरीके से करवाने में कामयाब होगा और अपने गांव और राज्य का नाम रौशन करेगा।’
नीरज नयन पांडे इससे पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। दरअसल पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए गए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य नेताओं के काफिले पर हमला हुआ था। उस समय राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर काफी सवाल उठे थे। इसके बाद उस समय नीरज नयन समेत तीन अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना था, लेकिन केंद्र और बंगाल सरकार के बीच टकराव के कारण यह संभव नहीं हो सका था। बता दें कि नीरज नयन की माता सावित्री पांडेय गृहिणी हैं। उनकी पत्नी संगीता पांडेय भी गृहिणी हैं। नीरज नयन पांडे के छोटे भाई पांडेय संजय लखनऊ के एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं।
