Bookie Sanjeev Chawla Return To India: सट्टेबाज संजीव चावला को लेकर क्राइम ब्रांच की टीम भारत पहुंच चुकी है। जांच टीम सुबह संजीव चावला को लेकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची। आपको बता दें कि करीब 2 दशक पहले क्रिकेट की दुनिया में सबसे बड़े फिक्सिंग के खेल का भंडाफोड़ हुआ था और इसी खेल में सटोरिये संजीव चावला का नाम सामने आया था। मैच फिक्सिंग के इस खेल में साल 2000 में साउथ अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोनिए का नाम भी उछला था। चावला को भारत लाए जाने के बाद अब सबसे पहले मेडिकल जांच की जाएगी और फिर बाद में अदालत में पेश किया जाएगा।
वहां से पुलिस उसे हिरासत में लेकर उससे मैच फिक्सिंग के 19 वर्ष पुराने मामले में पूछताछ करेगी। कहा जाता है कि मैच फिक्सिंग के आरोप लगने के बाद हैंसी क्रोनिए मानसिक अवसाद के शिकार हो गए थे औऱ फिर बाद में उनकी मौत एक प्लेन क्रैश में हो गई थी।
2 महीने बाद भारत लाने के प्रयास में मिली सफलता: आपको बता दें कि Westminster Magistrates’ Court ने संजीव चावला के भारत प्रत्यर्पण के पक्ष में फैसला सुनाया था। इस फैसले के खिलाफ संजीव चावला ने यूके हाईकोर्ट में राहत की मांग करते हुए अपील दायर की थी।
लेकिन उसे यहां हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद यूके के गृह सचिव साजिद जाविद ने भी जिला जज के दिए फैसले के पक्ष में अपने हस्ताक्षर किये। सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गुरुवार को भारतीय जांच अधिकारी संजीव चावला को लेकर दिल्ली पहुंचे।
पिछले 2 महीनों से दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने इस नामी सटोरिये को भारत लाने के लिए विदेश में कई अदालतों के चक्कर लगाए। जिसके बाद सभी जरुरी कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद स्कॉटलैंड यार्ड अधिकारियों ने चावला को क्राइम ब्रांच की टीम के हवाले कर दिया।
यूं हुआ था खुलासा: लंदन के बड़े व्यापारी संजीव चावला के खिलाफ जुलाई 2013 में चार्जशीट दाखिल की गई थी। 70 पन्नों के इस चार्जशीट में हैंसी क्रोनिए का नाम भी है। चार्जशीट में 16 फरवरी 2000 से लेकर 20 मार्च 2000 तक भारत-साउथ अफ्रीका के बीच हुए मैचों में फिक्सिंग की बात कही गई है।
मैच फिक्सिंग के इस सबसे बड़े खेल का उद्भेदन जून 2002 में हुआ था। उस वक्त चावला और क्रोनिए के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने आई थी। जिसके आधार पर यह कहा जा रहा था कि अफ्रीकी कप्तान ने मैच हारने के लिए पैसे लिए थे। इसके अलावा चावला पर आरोप है कि उसने साल 1999 में इंग्लैंड की क्रिकेट टीम को भी पैसों का ऑफऱ किया था।
पूर्व भारतीय क्रिकेटरों से होगी पूछताछ: इस काम के लिए डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राम गोपाल नायक खुद लंदन में मौजूद थे। ‘The Indian Express’ से बातचीत करते हुए डीसीपी ने कहा था कि ‘हम गुरुवार की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। संजीव चावला से गहन पूछताछ की जाएगी।
साथ ही साथ उस वक्त जिन भी पूर्व क्रिकेटरों का नाम इस सट्टेबाजी में उछला था उनसे भी मैच फिक्सिंग के बारे में पूछताछ होगी।’ 14 जून 2016 को चावला को लंदन में उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब भारत ने उसे प्रत्यर्पण के लिए गुहार लगाई थी। जानकारी के मुताबिक चावला से पूछताछ के लिए वरिष्ठ जांच अधिकारियों ने कई सवाल तैयार किये हैं।

