Vishwa Hindu Mahasabha President Ranjeet Bachchan: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़े हिंदूवादी नेता रंजीत बच्चन की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद इस मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में 2 संदिग्ध हत्यारे नजर आए हैं। पुलिस ने एक संदिग्ध की तस्वीर जारी की है और उसके बारे में सूचना देने वाले को 50,000 रुपया का इनाम देने की बात भी कही गई है।
रंजीत बच्चन की हत्या क्यों की गई? बेशक अभी इसपर सस्पेंस है लेकिन ऐसे कई सारे बिंदू हैं जिनपर पुलिसिया तफ्तीश अंदर ही अंदर चल रही है। पुलिस के मुताबिक रंजीत के चचेरे साले मनोज शर्मा ने रविवार की सुबह हुई वारदात को लेकर खुलासा किया है कि रंजीत, पत्नी कालिंदी और रात में फ्लैट पर ठहरे रिश्तेदार आदित्य के साथ वॉक के लिए निकले थे। बीजेपी कार्यालय के पास से कालिंदी अलग हो गईं थीं। उनका दावा है कि वह जॉगिंग करते हुए लालबाग ग्राउंड चली गईं थीं। रंजीत और आदित्य ग्लोब पार्क की तरफ चले गए। जिसके बाद रंजीत की हत्या हो गई।
घरेलू विवाद थी वजह?
रंजीत बच्चन अपनी पहली पत्नी कालिंदी के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि उनकी दूसरी पत्नी का नाम स्मृति है। पुलिसिया फाइल में रंजीत के ऊपर रेप का संगीन जुर्म भी दर्ज है। साल 2017 में रंजीत बच्चन की साली ने उसपर रेप का आरोप लगाया था। इस मामले में धारा 376 भी रंजीत के खिलाफ लगा था। पुलिस की फाइलों में रंजीत को फरार भी बताया जाता है। हालांकि कहा जाता है कि सिर्फ अपने रसूख की वजह से वो गिरफ्तारी से अब तक बचे हुए थे। रंजीत और उनकी पत्नी कालिंदी के बीच विवाद पिछले कई सालों से चल रहा था। कालिंदी ने रंजीत के खिलाफ मारपीट का केस भी दर्ज कराया था।
पत्नी, प्रेमिका को साथ रखने का आरोप:
रंजीत की पहली पत्नी कालिंदी के घरवालों का मानना है कि स्मृति उनकी दूसरी पत्नी नहीं बल्कि रंजीत की प्रेमिका है। ससुराल वालों के मुताबिक रंजीत एक ही घर में पत्नी और प्रेमिका दोनों को रखते थे। इतना ही नहीं रंजीत की पत्नी ने आरोप लगाया था कि साइकिल यात्रा के दौरान रंजीत का अपनी सहयोगी से अवैध संबंध रहा था।
रंजीत ने की थी तीसरी शादी?
रंजीत अपने पांचों भाइयों में सबसे छोटे थे। अब उनकी मौत के बाद उनके 2 भाई ही बचे हैं। गोरखपुर में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि रंजीत ने तीसरी शादी भी की थी। लिहाजा पुलिस अब उनकी तीसरी पत्नी की भी तलाश कर रही है।
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव के तारा लाल श्रीवास्तव के बेटे रंजीत बच्चन लंबे समय तक गोरखपुर शहर में ही नाट्यकर्म से जुड़ा रहा। बतौर रंगकर्मी उसकी पहचान रही लेकिन वह रंगमंच में कोई मुकाम हासिल नहीं कर सका तो उसने प्रदेश की राजधानी लखनऊ का रुख किया।

