मशहूर शायहर मुनव्वर राणा की बेटियों के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि लखनऊ में मुनव्वर राणा की 2 बेटियों उज़मा और सुमैया राणा को घर में ही नजरबंद कर दिया गया है। उनके कहीं भी आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि उज़मा और सुमैया ने राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। कहा जा रहा है कि यहां ताली-थाली पीटने कर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम था।
इन दोनों ने राज्य में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और कोविड संक्रमण को रोक पाने में राज्य सरकार को नाकाम बताते हुए प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इसी को लेकर उज़मा परवीन समेत तमाम महिलाएं आज सरकार के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर प्रदर्शन करना चाहती थी। इसके लिए बाकायदा सुमैया राणा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक मैसेज भी सर्कुलेट किया था और अधिक से अधिक तादाद में महिलाओं को 5 कालिदास मार्ग पर इकट्ठा होने के लिए अपील की थी।
इस वक्त चूंकि राज्य में कोविड संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राजधानी में धारा 144 लगी हुई है, ऐसे में कोविड संक्रमण बढ़ने के खिलाफ सामूहिक प्रदर्शन का प्लान कर चुकीं उज़मा परवीन और सुमैया राणा को धारा 144 के उल्लंघन का नोटिस दिया गया है।
‘News18’ की रिपोर्ट के मुताबिक सुमैया का आरोप है कि उनके घर के बाहर तकरीबन 30-40 पुलिसवाले रात से ही बिठा दिए गए। उनके अपार्टमेंट में आने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है..तलाशी ली जा रही है, जो गलत है। सुमैया राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह कोई हिस्ट्रीशीटर नहीं है या कोई अपराधी नहीं है जो उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है।
आपको बता दें कि शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून और जनगणना के खिलाफ प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। लखनऊ के घण्टाघर पर हुए प्रदर्शनों में सैयद उजमा परवीन और सुमैया राणा ने अग्रसर भूमिका निभाई थी। ठाकुरगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शायर मुनव्वर राना की बेटी समेत 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था।
