उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली एक बार सवालों के कटघरे में है। कानपुर पुलिस पर आरोप लगा है कि यहां पुलिस ने एक बेटी को तलाशने के लिए उसकी विकलांग मां से पुलिस की गाड़ी में डीजल डलवाया। 30 दिन से लापता लड़की का तो अब तक कोई सुराग नहीं मिला है लेकिन पीड़ित मां ने अब अपनी शिकायत पुलिस अधीक्षक तक जरूर पहुंचा दी है।इस मामले में पुलिस पर आरोप लगाने वाली पीड़ित मां का कहना है कि करीब 30 दिन पहले उसकी बेटी का एक रिश्तेदार ने अपहरण कर लिया।
विधवा मां का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने पिछले महीने थाने में केस दर्ज करवाया था। मां के मुताबिक पुलिसवालों ने उनसे कहा कि वो उनकी बेटी की तलाश कर रहे हैं। हालांकि कई बार पुलिसवाले उन्हें थाने से यह कहकर निकाल दिया करते थे कि उनकी बेटी का चरित्र खराब है। पुलिस ने लापता बेटी की मां से यह भी कहा कि वो उनकी गाड़ी में डीजल डलवाएं ताकि वो उनकी बेटी की तलाश कर सकें।
महिला का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पुलिस को कभी घूस नहीं दिया। मैंने उनकी गाड़ी में डीजल भरवाया है। महिला का कहना है कि 3-4 बार उन्होंने डीजल के पैसे पुलिस को दिये। महिला के मुताबिक उन्होंने करीब 10,000-15,000 रुपए तक का डीजल पुलिस की गाड़ी में डलवाया है ताकि उनकी बेटी की तलाश की जा सके।
यह मामला अब मीडिया में उठने के बाद कानपुर पुलिस ने ट्वीट कर बताया है कि पुलिस पोस्ट इंचार्ज को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिये गये हैं। पुलिस ने जानकारी दी है कि महिला की लापता बेटी को तलाशने के लिए पुलिस की 4 टीमें बनाई गई हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हमने इस मामले में पुलिस स्टेशन के इंचार्ज से कहा है कि वो तुरंत इस मामले को देखें। महिला के सभी आरोपों की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी विभागीय स्तर पर होगी।
