इधर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में वकीलों के एक समूह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में घुसकर जमकर हंगामा औऱ तोड़फोड़ किया। नाराज वकील अपने साथी अधिवक्ता ओमकार तोमर के आत्महत्या के केस में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दिनेश खटीक पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दिनेश खटीक पर ओमकार तोमर को सुसाइड के लिए उकसाने का आऱोप है।
एसएसपी कार्यालय के अंदर हंगामा कर रहे वकीलों का कहना था कि पुलिस दिनेश खटीक की गिरफ्तारी में जानबूझ कर देरी कर रही है। बता दें कि दिनेश खटीक हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। प्रदर्शनकारियों ने एसएसपी के कार्यालय के अंदर ‘दिनेश खटीक मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए। कार्यालय के अंदर कई अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे और वो हंगामा कर रहे वकीलों को शांत कराते नजर आए।
आपको बता दें कि ओमकार तोमर की मौत के बाद एक सुसाइड नोट भी सामने आया था। बताया जा रहा है कि इस सुसाइड नोट में तोमर ने भाजपा विधायक और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि दिनेश खटीक, ओमकार तोमर पर 15 लाख रुपए देने का दबाव बना रहे थे। यह पैसे ओमकार के बेटे दिव्येश तोमर पर लगे दहेज उत्पीड़न के एक मामले को सेटल कराने के एवज में मांगे जा रहे थे। इस मामले में दिव्येश पर भी अपने पिता को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप है। कुल 14 लोगों पर इस मामले में केस दर्ज किया गया था।
हालांकि इस पूरे मामले पर भाजपा के विधायक ने कहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा। उन्होंने इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है और आधारहीन बताते हुए कहा है कि विपक्षी पार्टियां उनकी और पार्टी के छवि को खराब करने के लिए यह साजिश रच रही हैं।

