उत्तर प्रदेश में कई कुख्यात गैंगस्टर हुए। आज हम जिक्र कर रहे हैं खूंखार अपराधी सुनील राठी की। सुनील राठी पर जेल में बंद एक अन्य कुख्यात मुन्ना बजरंगी को गोली मारने का आरोप है। सुनील राठी कैसे जुर्म की दुनिया में आया आज हम आपको इसके पीछे की पूरी कहानी बताएंगे और यह भी बताएंगे कि इस खतरनाक डॉन पर कौन-कौन से संगीन आरोप लगे।
कहा जाता है कि उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में सुनील राठी एक बड़ा नाम है। बताया जाता है कि वर्ष 2000 से पहले सुनील राठी के पिता की हत्या हो गई थी। इसी हत्या का बदला लेने के लिए सुनील राठी ने जरायम की दुनिया में कदम रखा। सुनील राठी पर हरिद्वार में 4 लोगों को मौत के घाट उतारने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड के बाद सुनील राठी का नाम जुर्म की दुनिया में चारों तरफ फैल गया। हालांकि साल 2000 में उसे इन हत्याओं के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था। बताया जाता है कि यह अपराधी जेल के अंदर से भी अपना साम्राज्य चलाता है।
आपको बता दें कि सुनील राठी की मां राजबाला चौधरी और चाचा विक्रम सिंह पर गैंगस्टर के तहत हरिद्वार, दिल्ली, मेरठ और बागपत के थानों में हत्या, लूट, अपहरण, हत्या का प्रयास और धोखाधड़ी समेत कई मामलों में मुकदमा दर्ज है। सुनील राठी का चचेरा भाई भी जेल जा चुका है। बागपत के टीकरी का रहने वाला सुनील राठी पुलिस की फाइलों में एक कुख्यात क्रिमिनल के तौर पर दर्ज है। आरोप यह भी है कि साल 2011 में सुनील ने रुड़की जेल में जेलर की हत्या करवाई थी।
सुनील राठी पर यह भी आरोप है कि इसी जेल में रहने के दौरान उसने रुड़की के मशहूर चिकित्सक एनडी अरोड़ा से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। यह भी बताया जाता है कि उसने डॉक्टर से कहा था कि वो यह पैसे उसकी मां राजबाला तक पहुंचा दे। बाद में पुलिस ने इस मामले में सुनील की मां राजबाला को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था।
रुड़की जेल में सुनील राठी ने अपनी जान का खतरा बताया था। इसके बाद उसे बागपत जेल में शिफ्ट किया गया। इसी बागपत जेल में कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी भी कैद था। साल 2018 में अचानक जेल के अंदर गोली मार कर मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई। इस हत्या का इल्जाम सुनील राठी पर ही लगा था। बता दें कि कुख्यात माफिया सुनील राठी की मां राजबाला बसपा के टिकट पर छपरौली विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है। वह बागपत के टिकरी कसबे से नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

