कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश इस वायरस के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। इस बीच केंद्र और सभी राज्यों की सरकारों ने लोगों से कहा है कि वो कोरोना से जुड़ी नियमों का कड़ाई से पालन करें। लेकिन उत्तर प्रदेश के बदायूं से हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आने के बाद प्रशासन को अब केस दर्ज करना पड़ा है। दरअसल यहां एक मुस्लिम धर्मगुरु के इंतकाल के बाद उनके जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए।

सरेआम कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाए जाने के बाद अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। न्यूज एजेंसी ‘ANI’ के मुताबिक एसएसपी संकल्प शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘बदायूं में एक मुस्लिम धर्मगुरु के जनाजे के दौरान कोविड-19 से जुड़े नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और अन्य दूसरी धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।

आपको बता दें कि मुस्लिम धर्मगुरु के इंतकाल के बाद उनका जनाजा निकाले जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि जनाजे में शामिल सैकड़ों लोगों ने मास्क नहीं पहनी है और सोशल डिस्टेन्सिंग को भी पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि मुस्लिम धर्मगुरु हजरत अब्दुल मोहम्मद सालिमुल कादरी का यह जनाजा था। कादरी का निधन रविवार को तड़के सुबह 3 बजे हुआ था। उनके मौत की खबर सुनने के बाद हजारों लोग उनके जनाजे में शामिल होने के लिए धीरे-धीरे इकट्ठा हो गए।

बहरहाल अब इस मामले में पुलिस ने एक टीम बनाई है जो जनाजे के वीडियो की जांच-पड़ताल करेगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन को मुस्लिम धर्मगुरु के इंतकाल की जानकारी थी। जनाजे में सैकड़ों लोगों के शामिल होने की आशंका होने के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन ने कहीं भी बैरिकेडिंग नहीं किया था ताकि लोगों को रोका जा सके। अब इस मामले में कोतवाली थाने में केस दर्ज होने के बाद एडिशनल एसपी के नेतृत्व में टीम बनाकर दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिये गये हैं।

आपको याद दिला दें कि अभी हाल ही में गुजरात के कच्छ से भी एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक मुस्लिम धर्मगुरु हजरत हाजी अहमदशाह बाबा बुखारी मुफ्ती का इंतकाल उनकी कर्मभूमि कच्छ के मांडवी में हो गया था। 97 साल के मुस्लिम धर्मगुरु के इंतकाल के बाद उनके जनाजे में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा था।