मेरठ में NCERT की फर्जी किताबें छापने का भंडाफोड़ होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता संजीव गुप्ता के बेटे सचिन गुप्ता पर एफआईआर दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि केस दर्ज होने के बाद बीजेपी नेता का बेटा फरार है। सबसे पहले आपको बता दें कि इस संबंध में इससे पहले शनिवार को पुलिस ने बताया था कि उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस ने मिलकर NCERT की फर्जी किताबें छापने का भंडाफोड़ किया है। एसएसपी अजय साहनी ने कहा था कि टीम ने 35 करोड़ रुपए की किताबें और 6 प्रिंटिंग मशीन सीज किये हैं। इस संबंध में 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यूपी एसटीएफ ने अब इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

अब पुलिस का कहना है कि सचिन गुप्ता इस स्कैम में शामिल हो सकते हैं और वो फिलहाल फरार हैं। सचिन गुप्ता के बारे में बताया जा रहा है कि प्रतापपुर स्थित वेयरहाउस और मोहकामपुर में प्रिंटिंग प्रेस के ऑनर भी हैं। पुलिस ने यह भी बताया है कि प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी के बाद उन्होंने सचिन गुप्ता से फोन पर बातचीत की थी। उस समय सचिन गुप्ता ने कहा था कि वो सभी कागजात के साथ आ रहे हैं लेकिन वो पुलिस के सामने नहीं आए और उनका मोबाइल फोन भी अब बंद है।

पुलिस की शुरुआती जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि यह डुप्लीकेट किताबें हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे राज्यों में भेजी जा रही थीं। पुलिस ने बताया है कि छापेमारी में National Council of Educational Research and Training (NCERT) की करीब 364 अलग-अलग प्रकार की नकली किताबें मिली हैं। इनमें से ज्यादातर कक्षा 9वीं और 12वीं कि गणित, रसायनशास्त्र और फिजिक्स की किताबें थीं।

इस बड़े स्कैम के खुलासे के बाद यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि ‘शिक्षा-नीति में बदलाव करनेवाली भाजपा पहले अपने उन नेताओं को नैतिक-शिक्षा के पाठ पढ़ाए जो करोड़ों रूपये के ‘नकली किताबों’ के गोरखधंधे में संलिप्त हैं’

मेरठ के सपा जिलाध्यक्ष ने एक बयान जारी कर भी बीजेपी के नेताओं की इस मामले में गिरफ्तारी की मांग की है। इधऱ इस खबर के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संजीव गुप्ता पर कार्रवाई की है। बीजेपी के महानगर उपाध्यक्ष संजीव गुप्ता को फिलहाल पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।