पूरा देश एक बार फिर कोरोना जैसी घातक महामारी से जूझ रहा है। निश्चित तौर पर इस बिमारी से लड़ने में पुलिस, चिकित्सक और प्रशासनिक सेवा से जुड़े अन्य बड़े अफसर बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। आज बात पिछले साल की एक ऐसी घटना की करेंगे जिसमें मुख्यमंत्री ने जब एक जिलाधिकारी को काम में कोताही बरतने को लेकर फटकारा था। मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा के गौतमबुद्ध नगर के तत्कालीन जिलाधिकारी बीएन सिंह से जुड़ा हुआ है। पिछले साल भी कोरोना का कहर देश पर टूटा था। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी कि वो लॉकडाउन का पालन कराने समेत कोरोना को रोकने से संबंधित अन्य सभी जरुरी उपायों पर विशेष ध्यान दें।

मार्च के महीने में योगी आदित्यनाथ नोएडा दौरे पर पहुंचे थे। उस वक्त जिले में कोरोना के रोकथाम के लिए किए गए उपायों से सीएम संतुष्ट नहीं दिखे थे। सीएम योगी ने नोएडा में कोरोना वायरस के मद्देनजर कमजोर तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल खड़े किये थे। उन्होंने अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। इस मीटिंग में डीएम बीएन सिंह, कमिश्नर आलोक सिंह, नोएडा ऑथोरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा और यमुना ऑथोरिटी के सीईओ मौजूद थे। मीटिंग में डीएम को डांटते हुए सीएम ने कहा था कि बकवास बंद करो।

दरअसल उस वक्त नोएडा में कोरोना वायरस का पहला मामला आने के बाद ही जिले में कंट्रोल रूम बनाने को कहा गया था। इस बारे में डीएम बीएन सिंह से सवाल किया गया था। सीएम योगी ने बीएन सिंह को इस बात के लिए फटकार लगाई थी कि तमाम निर्देशों के बावजूद कंट्रोल रूप पर ध्यान नहीं दिया गया। यही कारण है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई सही दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

डीएम को डांटते हुए सीएम योगी ने कहा था कि, ‘आपकी आदत बहुत खराब है, काम करते नहीं हैं लेकिन आवाज बहुत ज्यादा निकालते हैं। दो महीने सेआखिर कर क्या रहे थे आप लोग? कंट्रोल रूम के लिए तो मैंने बहुत पहले ही कहा था। अब तक कंट्रोल रूम क्यों नहीं शुरू हुआ है यहां पर?’

बता दें कि सीएम के डीएम को डांटने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। सीएम से डांट पड़ने के बाद डीएम ने छुट्टी का आवेदन तक कर दिया था।