इस महिला इंस्पेक्टर ने बेखौफ होकर जब सड़क पर एक डॉन को दौड़ा कर दबोचा तब सभी लोग उनकी बहादुरी को देख चकित रह गए थे। आज हम जिस साहसी महिला का जिक्र कर रहे हैं उनका नाम है अरुणा राय। यह उनका बेबाक और बेखौफ अंदाज ही है जिसकी वजह से अपराधी उनके नाम से ही खौफ खाते हैं। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जब इस महिला इंस्पेक्टर ने काम के प्रति अपनी जुनून और अपनी बहादुरी पेश की तो सभी हैरान रह गए थे।
साल 2019 में यह महिला इंस्पेक्टर अरुणा राय बन्नादेवी क्षेत्र में जीटी रोड पर 9 मई को हाथ में पिस्टल लेकर दौड़ती नजर आई थीं। एक बार तो उस वक्त सड़क पर महिला इंस्पेक्टर को देख सभी लोगों की आंखें खुली की खुली रह गईं। दरअसल महिला इंस्पेक्टर उस वक्त पीछा कर रही थीं कार से भाग रहे एक कुख्यात डॉन की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दिन दोपहर के वक्त इंस्पेक्टर अरुणा राय, एसआई पवन कुमार, अंकित और कॉन्स्टेबल गौरव अपने थाने से निकले थें। इस दौरान उन्हें सफेद रंग की एक सेंट्रो कार नजर आई। संदिग्ध नजर आने पर पुलिसवालों ने इस कार को रुकने का इशारा किया। लेकिन जब जीप से उतरकर पुलिस की टीम कार के नजदीक पहुंची तब तक कार चालक पुलिसवालों पर कार चढ़ाने की कोशिश करते हुए भाग निकला। इस दौरान गौरव जख्मी भी हो गये।
हालात देख तुरंत इंस्पेक्टर अरुणा राय ने मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी सरकारी पिस्टल हाथ में निकाल ली और सड़क पर कार का पीछा करते हुए दौड़ने लगीं। कार से भाग रहे बदमाश ने हड़बड़ाहट में सड़क पर खड़े 7 लोगों को जख्मी कर दिया। करीब 2 किलोमीटर तक अरुणा राय पिस्टल लेकर कार के पीछे भागती रहीं।
सारसौल चौराहे के पास कार जाम में फंस गई तो एक अपराधी कार से उतर कर भागने लगा। लेकिन तब तक अरुणा राय इस अपराधी के करीब आ चुकी थीं और उन्होंने पिस्टल तानते हुए उसे रुक जाने कि चेतावनी दी। जल्दी ही इस अपराधी को दबोच लिया गया। अरुणा राय ने इस अपराधी का गिरेबान पकड़ लिया था।
पता चला कि बहादुरी का परिचय देकर जिसे इस महिला इंस्पेक्टर ने पकड़ा है वो कोई और नहीं बल्कि कुख्यात डॉन वीरेंद्र बलिया था। इस पेशेवर अपराधी पर कई मुकदमे दर्ज थे। साल 2014 में बलिया का नाम एक बम कांड में आया था। फरवरी 2015 में बलिया समेत पांच के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई हुई थी। उस पर अलीगढ़ और दिल्ली में कई केस चल रहे थे।
