आज बात एक ऐसे IAS कि जिनके बारे में कहा जाता है कि वो जहां भी जाते हैं, अवैध कारोबारियों या अतिक्रमणकारियों पर कहर बनकर टूटते हैं। भूमाफियाओं के प्रति इनके कड़े रुख और कार्रवाई को कई बार सराहा गया है। बात साल 2017 की है जब अजय कुमार द्विवेदी प्रशिक्षु आईएएस थे और उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एसडीएम के पद पर तैनात थे।

उस वक्त अजय कुमार द्विवेदी को शिकायत मिली थी कि सिरौलीगौसपुर तहसील के चैला गांव में तालाब और सरकारी जमीन पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। शिकायत मिलने पर एसडीएम पुलिस की एक टीम के साथ अवैध कब्जा हटाने गए थे। उस वक्त उस जमीन पर कुछ लोगों ने फसल लगा दी थी और पुलिस की टीम को देखते ही यह लोग ट्रैक्टर के आगे खड़े होकर हंगामा करने लगे।

कुछ देर तक एसडीएम यहां के स्थानीय लोगों को समझाते रहे। इसके बाद वहां अचानक बाराबंकी से भारतीय जनता पार्टी की तत्कालीन सांसद प्रियंका सिंह पहुंच गईं। इसके बाद एसडीएम और भाजपा सांसद के बीच भी बहस हुई थी। कथित तौर से इस बहस का एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में सुनाई दे रहा था कि नाराज भाजपा सांसद ने ट्रेनी आईएएस अजय कुमार द्विवेदी से कहा ‌था कि ‘किसी की सुनते नहीं हो, तमीज नाम की कोई चीज है या नहीं। मै यहां खड़ी हूं, मेरी बात सुनने के बजाए मुंह घुमाके जा रहे हैं, दिमाग खराब है।

अभी ट्रेनिंग पर हो सही से काम करो, जो अपना एटीट्यूट है, उसे अपने घर में दिखाना, यहां नहीं चलेगा। जनता का काम हम भी कर रहे हैं और आप को भी करना पड़ेगा। भांड़ में जाए सारा काम…ये बात ध्यान रखना, वरना यह बाराबंकी है जीना मुश्किल कर दूंगी।’ आईएएस अजय कुमार द्विवेदी ने उस वक्त कहा था कि ‘जांच करा लें, मेरा दोष हो तो सजा दे देना।’

इस वीडियो के वायरल होने के बाद काफी हंगामा मचा था। बाद में इस पूरे हंगामे पर सफाई देते हुए सांसद ने उस वक्त कहा था कि ‘गरीब की फसल जुतवाने से मना किया गया था।

लोग विरोध कर रहे थे मौके पर पहुंचकर मैने स्थिति संभाली।’ उधर एसडीएम ने कहा था कि सांसद ने धमकी दी है उसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।