उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद शहर से एक चौकान वाला मामला सामने है। यहां एक निजी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर के भीतर एक आवारा कुत्ते ने नवजात बच्चे को घसीटकर मार दिया। यह घटना आवास विकास कॉलोनी के आकाश गंगा अस्पताल में हुई। बता दें कि एक निजी फाइनेंस फर्म में काम करने वाले रवि कुमार अपनी गर्भवती पत्नी कंचन को डिलीवरी के लिए अस्पताल लाए थे।

बच्चा ऑपरेशन थियेटर में था: रवि ने मीडिया को बताया कि “अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने हमें शुरू में बताया कि सामान्य डिलीवरी किया जाएगा, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद, उन्होंने हमें बताया कि मेरी पत्नी को सीज़ेरियन के लिए जाना होगा। इसलिए नर्सिंग स्टाफ उसे ऑपरेशन थियेटर में ले गए और एक घंटे बाद उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा है। फिर मेरी पत्नी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि बच्चा अभी ऑपरेशन थियेटर में ही था।”

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जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगा: रवि ने आगे बताया कि इसके थोड़े समय बाद ही अस्पताल का एक कर्मचारी ऑपरेशन थियेटर में कुत्ता देख चिल्लाने लगा। जिसकी आवाज सुन मैं अंदर गया तो देखा कि बच्चा फर्श पर खून से लथपथ पड़ा है। बच्चे के सीने और बाई आंख पर कुत्ते के काटे जाने के निशान थे। बच्चा बिना किसी हरकत का वहां लेटा हुआ था। बच्चे को इस हालत में देख वह जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगा।

चुप रहने के लिए पैसे की पेशकश की: मामले में रवि ने आगे कहा कि अस्पताल कर्मचारी मदद करने के बजाय मुझे चुप कराने की कोशिश करने लगे। उन्होंने बताया कि उनका बच्चा अभी जिंदा है और ऑपरेशन थियेटर में कुत्ता गलती से प्रवेश कर गया था। जब मैंने उनके लापरवाही और इस अमानवीय व्यवहार को लेकर शिकायत करने को कहा तो उन्होंने मुझे पैसे की पेशकश की और इस घटना पर चुप रहने के लिए दबाव बनाने लगे।

जांच के लिए बनाई समिति: बता दें कि जिला अधिकारियों द्वारा की गई जांच से पता चला है कि बच्चा जन्म के बाद जिंदा था और कुत्ते द्वारा हमला किए जाने के बाद उसकी मौत हो गई। जिला मजिस्ट्रेट मानवेन्द्र सिंह ने कहा है कि हमारी जांच में पता चला है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरो की एक समिति बनाई गई है, जो फर्रुखाबाद में कितने अवैध निजी अस्पताल चल रहे हैं। इसकी जांच कर तीन दिन में मुझे रिपोर्ट मांगी गई है।

पुलिस दर्ज किया मामला: गौरतलब है कि इस घटना के बाद फर्रुखाबाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) के तहत अस्पताल के मालिक विजय पटेल और अन्य स्टाफ के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही अस्पताल को भी सील कर दिया गया है।