हैदराबाद में स्टेट बैंक के दो मैनेजरों ने एक एजूकेशन कंसल्टेंट के साथ मिलकर कथित रूप से फर्जी एजूकेशन लोन दस्तावेज तैयार किए और विदेशी विश्वविद्यालयों को दे दिए। खुलासा होने पर केंद्रीय अपराध शाखा ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन बैंक मैनेजरों ने कथित रूप से सरकारी आधिकारिक कॉरपोरेट ईमेल आईडी भी कंसल्टेंटों को दे दी थी।

कई अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका : ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर अविनाश मोहंती ने बताया कि निलंबित पूर्व एसबीआई मैनेजर शमशीरगंज शाखा सबवथ लकापथी और बांडीगुडा के पूर्व मैनेजर जी वसंथ कुमार और एक कंसलटेंट जे श्रीनिवास को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ में कई बातों का खुलासा हुआ। आगे भी इनसे पूछताछ की जाएगी। आशंका है कि इन लोगों ने कई अन्य लोगों के साथ फर्जीवाड़ा किया है।

विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए बनाए कागजात : अगस्त 2019 में एसबीआई के पर्सनल बैंकिंग यूनिट के वरिष्ठ अधिकारी ने सीसीएस में शिकायत दर्ज कराई कि नवंबर 2018 से मई 2019 के बीच शमशीरगंज, बांडीगुडा और बंजाराहिल्स के मैनेजरों ने फर्जी एजूकेशन लोन स्वीकृत दस्तावेज बनाकर इंगलैंड और आस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों में शिक्षा लेने जा रहे छात्रों को दिए हैं।

वेरीफिकेशन के लिए आवेदन के समय हुआ खुलासा : छात्रों ने जब वीजा और पासपोर्ट के दस्तावजे के साथ इन कागजातों को लगाने के लिए वेरीफिकेशन के लिए आवेदन किया तो एसबीआई की आंतरिक जांच में इस फर्जीवाडे़ का खुलासा हुआ। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर एसवी कृष्ण प्रसाद ने बताया कि यह भी पाया गया कि बहुत से छात्र, जिनके परिवार के पास अघोषित संपत्ति है, लेकिन कोई कागज नहीं है, वे इन मैनेजरों से संपर्क किए थे। चूंकि आरोपी मैनेजरों ने आधिकारिक ईमेल आईडी श्रीनिवास को दी थी, इसलिए जब भी विदेशी विश्वविद्यालयों से वेरिफिकेशन के लिए पूछताछ होती थी ये उसको कंफर्म कर देते थे।