तमिलनाडु के तुत्तुकुडी जिले में पिता-पुत्र की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अपनी जांच के बाद कहा है कि 19 जून को इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों को Sathankulam के Thoothukudi पुलिस स्टेशन में लाया गया था। सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने पिता-पुत्र को थाने में टॉर्चर किया। बाद में गहरे जख्मों की वजह से 22-23 की रात दोनों की मौत हो गई।
इस मामले में सीबीआई ने 9 पुलिसवालों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इसमें उस वक्त थाने के इंस्पेक्टर का नाम भी शामिल है। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने 7 जुलाई को दो केस दर्ज किया था। पिता जयराज और उनके बेटे बेन्किस दोनों ही पेशे से व्यापारी थे। दोनों की पुलिस हिरासत में मौत के बाद थाने के पुलिसकर्मियों को उनके साथ मारपीट करने का आरोपी बनाया गया था। तमिलनाडु सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
यह है पूरा मामला: लकड़ी का व्यापार करने वाले 64 साल के जयराज को 19 जून की रात पुलिस थाने लेकर गई थी। जयराज पर आरोप था कि उन्होंने रात 9 बजे के बाद भी अपनी दुकान खुली रखी थी। पिता को थाने ले जाने की खबर सुनने के बाद उनके 31 साल के बेटे बेनिक्स भी थाने पर पहुंचे थे।
आरोप लगा था कि कोवलिपट्टी सब जेल में पुलिस हिरासत में पिता के साथ मारपीट करने पर उनके बेटे बेनिक्स ने इसका विरोध किया था। जिसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने उनकी भी बुरी तरह पिटाई कर दी थी। इस पिटाई से दोनों को गंभीर चोट आई थी और फिर उनकी मौत हो गई थी।
इस मामले में सीपीएम ने प्रदर्शन भी किया था और दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग की थी। तुत्तुकुडी सांसद कनीमोझी ने उस वक्त जिला कलक्टर संदीप नंदूरी से बात की थी और कथित पुलिस हिरासत में पिता-पुत्र की मौत के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा था। साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की गई थी। मामले में हंगामा मचने के बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

